..तो अमेरिकी राजनयिकों के विशेषाधिकारों की समीक्षा होगी : भारत (लीड-1)
इसके साथ ही भारत ने अमेरिका से कहा कि वह अपने सभी हवाईअड्डों के अधिकारियों को विदेशी राजनयिकों की सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं के बारे में संवेदनशील बनाएं।
साउथ ब्लॉक स्थित विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (अमेरिका) जावेद अशरफ ने लू को तलब किया।
ज्ञात हो कि मीरा शंकर चार दिसम्बर को जब मिसिसिपी स्टेट यूनिवर्सिटी के एक समारोह में हिस्सा लेकर वाशिंगटन लौट रही थीं, तो जैक्सन-एवर्स अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उनकी तलाशी ली गई थी।
विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, "हमने स्पष्ट किया कि यह घटना अस्वीकार्य है।"
समाचार पत्र 'जैक्सन क्लेरियॉन-लेजर' के अनुसार मीरा को 30 यात्रियों के समूह से अलग कर एक किनारे ले जाया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों ने अखबार को बताया कि उनके साथ इसलिए ऐसा किया गया, क्योंकि वह साड़ी में थीं।
अशरफ ने लू से कहा कि इस सच्चाई के बावजूद कि दूतावास ने राजदूत की जल्द निकासी के लिए विदेश विभाग द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन किया और शंकर ने अपना राजनयिक परिचय भी दिया, शंकर को व्यापक सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा, क्योंकि वह साड़ी में थीं।
लू से कहा गया कि भारत हर किसी की सुरक्षा प्रक्रिया को समझता है और उसका सम्मान करता है, लेकिन यह भी उम्मीद करता है कि भारतीय राजदूतों और राजनयिकों को सामान्य राजनयिक विशेषाधिकार दिए जाएं और उनके साथ शिष्टाचार से पेश आया जाए।
लू से कहा गया, "भारत अपने यहां विदेशी राजनयिकों के राजनयिक विशेषाधिकारों का सम्मान करता है और उन्हें राजनयिक शिष्टाचार उपलब्ध कराता है। लेकिन इस तरह की घटनाएं स्वाभाविक रूप से भारत में उपलब्ध विशेषाधिकारों और सुविधाओं में समीक्षा करने के लिए बाध्य करेंगी।"
इस घटना पर विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा की टिप्पणी का जिक्र करते हुए अशरफ ने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाएं अस्वीकार्य हैं।
अशरफ ने लू से कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि विदेश विभाग और अमेरिकी ट्रांस्पोर्टेशन सिक्युरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (टीएसए) सभी हवाईअड्डों पर अपने सभी एजेंटों को विदेशी राजनयिकों की सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं के प्रति संवेदनशील बनाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications