मीरा मामले पर उठा कूटनीतिक विवाद शांत करना चाहता है अमेरिका
वाशिंगटन, 11 दिसम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका में भारतीय राजदूत मीरा शंकर की एक हवाई अड्डे पर ली गई तलाशी के बाद इस सम्बंध में भारत से औपचारिक शिकायत का इंतजार कर रहे अमेरिका ने कहा है कि वह कूटनीतिक विवाद पैदा करने वाली इस तरह की घटनाओं से बचने के तरीके तलाशने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता पी.जे.क्राउले ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, "हमें बताया गया है कि एक औपचारिक शिकायत आ रही है। मैं नहीं समझता कि अभी तक इस तरह की कोई शिकायत आई है।" लेकिन क्राउले ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि ट्रांसपोर्ट सिक्युरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (टीएसए) ने इस मामले में उचित तरीका अपनाया था।
क्राउले ने कहा कि विदेश विभाग आपसी सम्पर्क के तरीके में सुधार लाने के तरीके तलाशने के लिए गृह सुरक्षा विभाग के सम्पर्क में है, ताकि हवाईअड्डे के अधिकारियों को यह पता चल सके कि राजनयिक वहां कब पहुंच रहे हैं, और वे सुरक्षा के जरिए उनके आवागमन को बेहतर तरीके से सम्पन्न करा सकें।
क्राउले ने कहा, "जैसा कि हमने कहा है, और यह उचित भी है, कि राजनयिकों से लेकर सामान्य नागरिकों तक, विमानों में सवार होने से पहले सभी की जांच की जाती है।"
क्राउले ने कहा, "वही यहां भी हुआ है। ऐसा पूरी दुनिया में होता है। लेकिन निश्चितरूप से इसके कुछ उपाय भी हो सकते हैं, जिससे हम आपसी समन्वय में सुधार ला सकें, ताकि इस तरह की स्थिति दोबारा न पैदा हो।"
क्राउले ने यह स्पष्ट किया कि चूंकि एक हद तक सभी यात्री जांच के दायरे में आते हैं, लिहाजा राजदूत उस तरह के पारम्परिक पहनावे पहन सकते हैं, जो टीएसए को उन खतरों की जांच-परख में मददगार हो सके, जिसे कोई यात्री, विमान के लिए पैदा कर सकता है।
क्राउले ने कहा कि वह "ऐसा नहीं कह रहे हैं कि उनका व्यवहार अनिवार्य रूप से कुछ अलग होना चाहिए, लेकिन हमें कोई ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे हम गलतफहमियों को पैदा होने से रोक सकें या टीएसए को यह सोचने में मदद कर सकें कि जिस तरह की भी जांच जरूरी हो, हमें उसमें मदद करने में खुशी होगी। हम इस मामले में मात्र यही देख रहे हैं कि क्या कोई ऐसा भी उपाय है, जिससे कि हम इस प्रक्रिया में सुधार ला सकते हैं।"
क्राउले ने आगे कहा, "भारतीय राजनयिकों के लिए इस तरह की स्थितियां कोई अनोखी नहीं हैं। अन्य राजनयिकों के साथ भी ऐसा हुआ है।" लेकिन यहीं पर क्राउले ने स्वीकार किया कि "इस तरह की कोई घटना, सावर्जनिक गलतफहमियां पैदा कर सकती है और यहां तक कि कूटनीतिक तनाव भी पैदा कर सकती है।"
क्राउले ने कहा, "जब हम अपने देश के यात्रियों और दूसरे देश के यात्रियों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे होते हैं, तो हम यह सुनिश्चित कराना चाहते हैं कि लोगों की यात्रा सुरक्षित हो, बल्कि यह भी कि टीएसए के साथ उनका व्यवहार अच्छा और सहयोगी हो।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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