दलितों की मदद के लिए भारतीय को जर्मन पुरस्कार
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक रघुवंशी उत्तर प्रदेश की 'पीपल्स विजिलेंस कमेटी ऑन ह्यूमन राइट्स' (पीवीसीएचआर) के संस्थापक हैं। वह महिलाओं, बच्चों और स्वदेशियों के अधिकारों के लिए भी काम करते हैं और अन्याय के शिकार लोगों को मदद के लिए सलाह देते हैं।
रघुवंशी को जून में ही पूर्वी देशों के वार्षिक मानवाधिकार पुरस्कार के विजेता के रूप में चुन लिया गया था। उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर जर्मनी आमंत्रित किया गया। यहां उन्हें पुरस्कार के रूप में 3,300 डॉलर की राशि दी गई।
उन्हें दिए गए प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि 40 वर्षीय चिकित्सक रघुवंशी भूख से मरने वाले और पुलिस प्रताड़ना के शिकार बनते रहे दलितों या भारत की सबसे निम्न जाति के सदस्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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