विधानसभा की कार्यवाही बाधित करेंगे टीआरएस विधायक
राज्य विधानसभा में शुक्रवार को टीआरएस विधायकों को सदन से पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया था।
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान शुक्रवार को टीआरएस के 11 विधायक उपसभापति एन. मनोहर के आसन के करीब आ गए और छात्रों पर दर्ज किए गए मामलों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर हंगामा करने लगे।
टीआरएस विधायकों ने सरकार से मामलों की वापसी के संदर्भ में तुरंत एक बयान जारी करने की मांग की।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन शुक्रवार को हंगामेदार स्थिति के कारण सदन में कोई कामकाज नहीं हो पाया। हंगामा कर रहे टीआरएस विधायक सरकार से एक बयान जारी करने की मांग कर रहे थे।
मख्यमंत्री एन. किरण कुमार ने कहा था कि सरकार छात्रों पर दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने के लिए कानूनी राय लेने के बाद ही कुछ कदम उठाएगी।
राज्य के मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी और अन्य दलों ने भी टीआरएस विधायको की मांगों का समर्थन किया। मजलिस-ए-मुस्लिमीन (एमआईएम) ने सरकार से सांप्रदायिक दंगों और मक्का मस्जिद में हुए विस्फोट से जुड़े मामलों में मुस्लिम छात्रों के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की मांग की।
उप सभापति ने सदन की कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया लेकिन टीआरएस विधायक सदन में ही बैठे रहे। अभूतपूर्व कदम के तहत पुलिस ने सदन के भीतर दाखिल होकर विधायकों को बाहर किया।
इस पर वे सभी गृहमंत्री सबीता इंद्रा रेड्डी के आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। उन सभी ने आधी रात को सड़क पर ही भोजन किया। टीआरएस कार्यकर्ताओं ने उन तक पहुंचने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
बाद में पुलिस ने विधायकों को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें थाने ले जाया गया। उन्हें शनिवार तड़के रिहा कर दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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