विकिलीक्स खुलासा : कांग्रेस ने मुम्बई हमले के बाद राजनीतिक लाभ देखा
भारत में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत डेविड मलफोर्ड ने वाशिंगटन भेजे एक गोपनीय संदेश में कहा था, "अंतुले के भड़काऊ बयान पर कांग्रेस की आरम्भिक प्रतिक्रिया सही थी। लेकिन अंतुले के बेबुनियादी दावे के लिए मुसलमानों में जैसे ही समर्थन मिलता दिखा, कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं की सोच में राजनीतिक अवसरवाद घुस गया।"
मलफोर्ड ने लिखा, "यही नहीं पार्टी ने राज्य चुनावों में हाल की अपनी जीत के बाद भी इस साजिश को विश्वसनीय बनाने के लिए राजनीतिक गुणा-गणित किया। पार्टी ने मुस्लिम समुदाय के उन लोगों को प्रोत्साहन देकर मुसलमानों के भीतर से भय दूर करने का रास्ता चुना, जो साजिश की इस कहानी को लगातार जिंदा किए रहेंगे।"
मलफोर्ड के अनुसार, "यद्यपि कांग्रेस में अच्छी सोच के लोगों का वर्चस्व बना हुआ है, लेकिन इस तरह के बेबुनियाद दावों में रुचि लेने के पार्टी के निर्णय से एक बार फिर साबित हो गया है कि पार्टी के कई नेता अभी भी राजनीति की पुरानी पहचान से लगाव रखते हैं।"
मलफोर्ड ने लिखा है, "79 वर्षीय अंतुले शायद यह जानकर अधिक उत्साहित हो गए थे कि उनके बयान ने इस बार इस तरह का हंगामा खड़ा किया है।"
ज्ञात हो कि अंतुले ने 17 दिसम्बर को यह बयान देकर एक राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया था कि महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) के प्रमुख हेमंत करकरे की मुम्बई हमले के दौरान हुई हत्या, किसी न किसी रूप में मालेगांव बम विस्फोट की जांच से जुड़ी हुई हो सकती है, जिसमें कट्टरपंथी हिंदू संदिग्ध हैं।
लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदम्बरम ने आधिकारिक तौर पर तत्कालीन अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ए.आर.अंतुले द्वारा संसद में दिए गए बयान को खारिज कर दिया था।
विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उसके तत्काल बाद अंतुले से इस्तीफे की मांग की थी और इस मुद्दे को लेकर उसने पांच दिनों तक सदन से बहिर्गमन किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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