तेलगांना विधायकों ने नहीं चलने दी सदन की कार्यवाही (लीड-1)
हैदराबाद, 11 दिसम्बर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश में पृथक तेलंगाना राज्य की मांग कर रहे छात्रों पर दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की मांग पर अड़े तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के विधायकों ने दूसरे दिन शनिवार को भी विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने दी।
विधानसभा उपाध्यक्ष एन. मनोहर के सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित किए जाने के बावजूद टीआरएस के 11 विधायक अध्यक्ष के आसन के निकट धरने पर बैठ गए।
मुख्य विपक्षी दल तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्यों ने भी सदन से बाहर जाने से इंकार कर दिया। तेदेपा सदस्यों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों की समस्याओं पर सदन में चर्चा कराने से बच रही है।
तीन बार के स्थगन के बाद कार्यवाही शुरू होने पर भी जब सदस्य शांत नहीं हुए तो मनोहर ने सदन की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित कर दी।
इस दौरान उपसभापति ने सदस्यों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार टीआरएस की मांग पर बयान देने के लिए तैयार है लेकिन वह सदस्यों को शांत कराने में असफल रहे।
उधर, मजलिस-ए-एत्तहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) के सदस्यों ने सरकार से सांप्रदायिक दंगों और मक्का मस्जिद में हुए विस्फोट से जुड़े मामलों में मुस्लिम छात्रों के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की मांग की।
तेदेपा ने शनिवार को सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।
इससे पहले तेदेपा विधायकों ने विपक्ष के नेता और तेदेपा के प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ मिलकर एनटीआर घाट से लेकर विधानसभा से तक मार्च निकाला। नायडू चाहते थे कि सरकार जल्द से जल्द उन किसानों के लिए राहत पैकेज की घोषणा करे जिनकी फसल बारिश की कमी के कारण खराब हो गई है।
अपने मुख्यमंत्रित्तव काल के पहले ही सत्र में परेशानियों का सामना कर रहे मुख्यमंत्री रेड्डी ने कांग्रेस और तेलंगाना के मंत्रियों के साथ बैठक की।
मख्यमंत्री एन. किरण कुमार ने शुक्रवार को कहा था कि सरकार छात्रों पर दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने के लिए कानूनी राय लेने के बाद ही कुछ कदम उठाएगी।
पुलिस द्वारा जबरन हटाये जाने के घंटों बाद टीआरएस विधायक सदन कार्यवाही में बाधा पहुंचाने पहुंच गए। एक अभूतपूर्व कदम के तहत पुलिस ने शुक्रवार को सदन के भीतर दाखिल होकर इन विधायकों को बाहर किया था।
इस पर वे सभी गृहमंत्री सबीता इंद्रा रेड्डी के आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। उन सभी ने आधी रात को सड़क पर ही भोजन किया। टीआरएस कार्यकर्ताओं ने उन तक पहुंचने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
बाद में पुलिस ने विधायकों को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें थाने ले जाया गया। उन्हें शनिवार तड़के रिहा कर दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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