भाजपा व कविता करकरे ने की दिग्विजय की आलोचना (लीड-1)
भाजपा ने दिग्विजय सिंह के इस बयान को आतंकवाद के खिलाफ देश की लड़ाई को एक गम्भीर झटका करार दिया है और कहा है कि घोटालों का सामना कर रहे संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की इस मुद्दे से लोगों का ध्यान हटाने की एक कोशिश है। भाजपा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से दिग्विजय सिंह के इस बयान पर स्पष्टीकरण भी मांगा है।
भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने सिंह के बयान की कड़ी अलोचना करते हुए नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, "दिग्विजय सिंह के बयान से देश की सुरक्षा, आतंक के खिलाफ लड़ाई और मुम्बई हमले की जांच को गहरा झटका लगा है। सीमा पार के आतंकी पूरे मुम्बई हमले पर सवाल खड़ा करेंगे।"
प्रसाद ने कहा, "सीमा पार के आतंकी इस बयान का फायदा उठाएंगे।"
प्रसाद ने कहा कि सिंह का यह बयान सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "घोटालों से घिरी कांग्रेस और संप्रग की यह ध्यान बंटाने की एक कोशिश है। कांग्रेस खुद को गम्भीर रूप से असहाय पा रही है।"
भाजपा नेता ने कहा, "दिग्विजय सिंह ने आज सीमा पार के आतंकियों का हौसला बढ़ाया है। उन्होंने ऐसा पहली बार नहीं किया है.. बटला हाउस मुठभेड़ के बाद वह आरोपियों के परिजनों से मिलने आजमगढ़ गए थे। और आज वह सीमा पार के आतंकियों की परोक्ष रूप से मदद कर रहे हैं।"
ज्ञात हो कि सिंह ने शनिवार को ही इसके पहले कहा था कि हेमंत करकरे ने 2008 में मुम्बई हमले में मारे जाने के कुछ घंटे पूर्व उनसे फोन पर बात की थी।
सिंह ने दावा किया कि करकरे को उन लोगों से खतरा था, जो मालेगांव विस्फोट जांच का विरोध कर रहे थे। करकरे मालेगांव विस्फोट की जांच का नेतृत्व कर रहे थे।
सिंह ने कहा, "करकरे के मारे जाने के दो घंटे पहले मेरी उनसे बात हुई थी। उन्होंने मुझे बताया था कि उनके परिवार और खुद उनकी जान पर उन लोगों से किस तरह खतरा था, जो मालेगांव विस्फोट में उनकी जांच से नाराज थे।"
सिंह के इस बयान की आलोचना करते हुए कविता करकरे ने कहा, "मेरे पति की हत्या पाकिस्तानी आतंकियों ने की थी, दिग्विजय सिंह गलत बोल रहे हैं।"
कविता ने कहा, "मेरे पति की हत्या से किसी भी हिंदू संगठन का सम्बंध नहीं है। उनकी मौत को हिंदू संगठनों से खतरे के साथ न जोड़ा जाए। यह बयान लोगों को भ्रमित कर सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications