विधायक निधि समाप्त करने से कमोबश सभी दल सहमत
पटना, 11 दिसंबर (आईएएनएस)। बिहार मंत्रिमंडल द्वारा विधायकों को दी जाने वाली विकास राशि बंद करने का सैद्घांतिक निर्णय लिए जाने पर लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) को छोड़कर बाकी सभी राजनीतिक दलों ने खुशी जाहिर की है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय मयूख ने विधायक निधि समाप्त करने के सरकार के निर्णय को सही कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह सार्थक पहल है। उन्होंने इस निर्णय को जल्द लागू किए जाने की उम्मीद जाहिर की है। मयूख ने कहा कि इस निधि के कारण विधायकों को बेकार का जनता के कोप का भाजन बनना पड़ता है।
जनता दल (युनाइटेड) के महासचिव रवीन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि इस कदम से सरकार को भ्रष्टाचार रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस पहल के सकरात्मक असर समाज और राज्य में देखने को मिलेंगे।
लेकिन यहीं पर लोजपा के राष्ट्रीय महासचिव सत्यानंद शर्मा ने इस फैसले से असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि विधायक निधि समाप्त होने से विधायक 'शक्तिहीन' हो जाएंगे और कस्बों व गांवों के विकास के लिए भी उन्हें दूसरे का मुंह ताकना पड़ेगा। शर्मा ने कहा कि विधायक निधि जनता को खुश करने एवं विकास करने का एक साधन है।
कांग्रेस की राज्य इकाई के मुख्य प्रवक्ता प्रेमचंद्र मिश्रा ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस निधि के बंद हो जाने से कमीशनखोरी रुक जाएगी।
मिश्रा ने कहा कि कुछ विधायकों ने इस निधि को कमीशनखोरी का जरिया बना लिया था। इस निधि के कारण कार्यकर्ताओं में ठेकेदार बनने की होड़ लगी रहती थी। हालांकि मिश्रा का यह भी मानना है कि सभी विधायक एक जैसे नहीं होते।
विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष, गुलाम गौस ने इस कदम को स्वागत योग्य बताया है। उन्होंने कहा कि इससे अब कार्यकर्ता की जगह अभिकर्ता पैदा नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि विधायक निधि के कारण उत्पन्न राजनीतिक विकृति से सभी राजनीतिक दल त्रस्त हैं।
ज्ञात हो कि बिहार मंत्रिमंडल की शुक्रवार को पटना में हुई एक बैठक में विधायकों को दी जाने वाली विकास राशि बंद करने का सैद्घांतिक निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल की अगली बैठक में इस पर व्यावहारिक निर्णय लिए जाने की सम्भावना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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