संसद की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित (राउंडअप)
2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की मांग पर अड़े विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के चलते लोकसभा की कार्यवाही पहले शाम 3.30 बजे और राज्यसभा की कार्यवाही 2.30 बजे सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
संसद के सचिवालय के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि 13 दिसम्बर 2001 को संसद पर आतंकवादी हमले में मारे गए सुरक्षाकर्मियों और नागरिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए सदस्य सोमवार को संसद के सर्कुलर भवन में सुबह 10.30 बजे एकत्र होंगे।
अधिकारी ने बताया कि सोमवार को शीतकालीन सत्र का अंतिम दिन होने के चलते सदन में हंगामे के आसार हैं। सोमवार को संसद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी जाएगी।
ज्ञात हो कि गत नौ नवंबर से शुरू हो हुए इस शीतकालीन सत्र में बहुत कम कामकाज हुआ है। हालांकि, लोकसभा में कुछ जरूरत के विधेयक पारित हुए हैं। इनमें रेलवे के अनुपूरक अनुदान और विनियोग विधेयक शामिल हैं। इनके अलावा लोकसभा में उड़ीसा का नाम 'ओडीशा' करने वाले अधिनियम को मंजूरी दी गई है।
इस सत्र में कार्य स्थाल पर महिलाओं का यौन शोषण रोकने के लिए लाया गया विधेयक सरकार की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही दो दिवंगत पूर्व सांसदों को श्रद्धांजलि देने से शुरू हुई लेकिन इसके तुरंत बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए), वामदल और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों द्वारा जेपीसी की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू हो गई। हंगामे के चलते सदन को पहले 12 बजे तक और फिर 3.30 बजे तक के लिए स्थगित किया गया।
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी हंगामा थमता न देख लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इस बीच, भाजपा नेता राजीव प्रताप रूड़ी ने आईएएनएस को बताया, "भ्रष्टाचार के मामले में सरकार को बेनकाब करने के लिए हम जनता की अदालत में जाएंगे। हम अपने आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं।"
वहीं, विपक्ष के रवैये पर कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि संसद के न चलने से राजकोष का जो घाटा हुआ है उसका जवाब विपक्ष के पास नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications