यूरोपीय संघ ने पाक से कहा, मुम्बई हमले पर न्याय हो (लीड-1)
11वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों का "पाकिस्तान से आह्वान है कि वह मुम्बई हमले की साजिश रचने वालों और उसके सहयोगियों को न्याय के कटघरे में लाए।"
पाकिस्तान का नाम लिए बगैर दोनों पक्षों ने सभी देशों से कहा कि वे "आतंकवादियों को पनाह न दें और उनके अधिकार क्षेत्र और नियंत्रण में आने वाले आतंक के ढांचे को ध्वस्त कर दें।"
ब्रसेल्स घोषणा-पत्र में 'आतंकवाद के लिए जवाबदेह, उसे बढ़ावा देने वाले और आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह मुहैया कराने वाले' की निंदा की गई तथा सीमा पार सहित अन्य देशों में आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों की मौजूदगी पर चिंता प्रकट की गई।
यह पहला मौका है जब भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार यूरोपीय संघ ने पाकिस्तान से अपील की कि वह मुम्बई हमले के दोषियों पर कार्रवाई करे। भारत की वित्तीय राजधानी मुम्बई पर 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा 26 नवम्बर, 2008 को किए गए हमले में 166 लोगों की मौत हो गई थी।
भारत सरकार चाहती है कि पाकिस्तान आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ कार्रवाई करे, जिसके सदस्य जकीउर रहमान लखवी और छह अन्य मुम्बई हमले में शामिल थे।
भारत और यूरोपीय संघ ने शुक्रवार को कहा कि अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद विश्व के लिए गंभीर खतरों में से एक है।
यहां 11वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के बाद अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर जारी संयुक्त बयान में कहा गया, "आतंकवादी गतिविधियों के कारण अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरा है। इसका मुकाबला करने में यूरोपीय संघ और भारत की सोच एक है।"
पाकिस्तान का नाम लिए बगैर संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों पक्ष "इसके लिए जवाबदेह, बढ़ावा देने वाले और आतंकियों को सुरक्षित स्थान मुहैया कराने वाले देश की निंदा करते हैं।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 27 देशों के यूरोपीय गुट के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ गुरुवार को यहां पहुंचे थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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