केबल टीवी के पूर्ण डिजिटलाइजेशन के लिए एकजुट हुए उद्यमी
केबल एंड सैटेलाइट ब्रॉडकास्टिंग एसोसिएशन ऑफ एशिया (कास्बा) के 'एड्रेसेबल इंडिया 2010' सम्मेलन में इंडिया ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन, एमएसओ एलायंस, न्यूज ब्रॉडकॉस्टर्स एसोसिएशन, डीटीएच एसोसिएशन ऑफ इंडिया, आईपीटीवी इंडिया फोरम, केबल ऑपरेटर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और कास्बा के प्रतिनिधियों के बीच एक ऐसे माहौल बनाने के लिए सहमति बनी, जिसमें निवेश को बढ़ावा मिले। इससे न सिर्फ कारोबारियों को बल्कि सरकार और उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा।
कास्बा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिमॉन ट्विस्टन डेविस ने कहा कि पहली बार यह उद्योग अपनी सबसे बड़ी समस्या को सुलझाने के लिए एक सार्वजनिक मंच पर एक जुटा है।
सम्मेलन का उद्घाटन भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के अध्यक्ष जे. एस. शर्मा और सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव रघु मेनन ने किया।
शर्मा ने कहा कि डिजटलाइजेशन से इस उद्योग में पारदर्शिता आएगी, जिससे उद्योग के विभिन्न पक्षों के बीच आपसी हितों को लेकर होने वाला टकराव कम होगा।
रघु मेनन ने कहा कि सरकार 2017 तक प्रसार भारती के क्षेत्रीय नेटवर्क के पूर्ण डिजिटलाइजेशन की योजना बना रही है। और वे सोचते हैं कि केबल के पूर्ण डिजिटलाइजेशन के लिए भी यही माकूल समयावधि होगी। उन्होंने कहा कि यह एक जटिल काम है और हमें व्यावहारिक होकर सोचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय कुछ अन्य सुझावों जैसे ट्राई के विदेशी निवेश की सीमा को बढ़ाने के सुझाव पर गंभीरता से विचार करेगा।
ट्विस्टन डेविस ने कहा कि इस सम्मेलन में खास बात यह थी कि पूर्ण डिजिटलाइजेशन और जल्द से जल्द डिजिटलाइजेशन के मुद्दे पर सभी पक्ष एकमत थे। उनके बीच सरकार की भूमिका को लेकर थोड़ी मत भिन्नता थी। वह यह कि सरकार को इस उद्योग में मार्गदर्शक की भूमिका निभानी चाहिए या थोड़े नियंत्रण के साथ पूरी तरह से इस उद्योग से बाहर रहना चाहिए।
इस मौके पर शर्मा ने कहा कि सरकार की 2013 तक 60,000 रुपये के खर्च से पूरे देश में फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क बिछाने की येाजना है, जो डिजिटलाइजेशन के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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