भारत अफ्रीका में 19 प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करेगा
नई दिल्ली, 10 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारत अगले दो सालों में यूगांडा में एक विदेश व्यापार संस्थान और बोत्सवाना में हीरा केंद्र सहित अफ्रीका भर में 19 प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करेगा।
भारत का अफ्रीका के साथ अगले साल होने वाले दूसरे महाद्वीप स्तर के शिखर सम्मेलन से पहले ही दोनों तरफ से संस्थानों को स्थापित करने के लिए जगह निर्धारित कर ली गई है।
वर्ष 2008 में संपन्न हुए पहले भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन के बाद यह अगले साल आयोजित होगा। दिल्ली घोषणा-2008 के समय भारत और अफ्रीकी संघ (एयू) ने संयुक्त कार्य योजना के तहत प्रशिक्षण संस्थानों को स्थापित करने का विचार रखा गया था। इसे अगले साल मार्च से शुरू किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय में पूर्व एवं दक्षिण अफ्रीका के संयुक्त प्रभारी सचिव गुरजीत सिंह ने आईएएनएस को बताया कि संस्थानों को स्थापित करने के लिए जगहों की तैयार की गई सूची के बारे में एयू ने पिछले भारत को सूचित किया था।
सिंह ने बताया, "संस्थानों को स्थापित करने के लिए एजेंसियों ने पहले से ही काम करना शुरू कर दिया था। हमें उम्मीद है कि सभी को अगले दो साल में स्थापित कर दिया जाएगा।"
क्षमता और मानव संसाधन विकास की अफ्रीकी नीति के तहत यूगांडा में 'इंडिया-अफ्रीका इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड' (आईएआईएफटी), घाना में 'इंडिया-अफ्रीका इंस्टीट्यूट ऑफ इंफारमेशन टेक्न ोलॉजी'(आईएआईआईटी),बोत्सवाना में 'इंडिया-अफ्रीका डायमंड इंस्टीट्यूट' और 'प्लानिंग एंड एडमिस्ट्रेशन' (आईएआईईपीए) जैसे अग्रणी परियोजनाओं पर दिल्ली की विशेष नजर हैं।
संस्थान स्थापित करने वालों में भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी), 'एजुकेशनल कंस्लटेंट्स इंडिया लिमिटेड' (ईडीसीआईएल) और भारतीय हीरा संस्थान सुरत जैसी मुख्य एजेंसियां शामिल हैं।
इसके अलावा भारत का राष्ट्रीय लद्यु उद्योग निगम (एनएसआईसी) मिस्र, लीबिया, इथोपिया, रवांडा, बुर्किना फासो, जाम्बिया, बुरुंडी, गैबॉन, मोजाम्बिक और जिम्बावे में व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र खोलने में मदद करेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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