ओबामा के सरल निर्यात वाले देशों में भारत नहीं
वाशिंगटन, 10 दिसम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सैन्य सामानों के निर्यात को सरल बनाने के लिए गुरुवार को पेश किए नए प्रस्ताव में 37 देशों की सूची में भारत को शामिल नहीं किया है, हालांकि प्रस्ताव में भारत के साथ हुए 10 अरब डॉलर के सौदे का जिक्र है।
ओबामा ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में निर्यात परिषद की बैठक में कहा कि सैन्य उपयोग वाले प्रौद्योगिकी सामानों के निर्यात को आसान बनाने से अमेरिका को निर्यात को दोगुणा करने में मदद मिलेगी। बोइंग कम्पनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेम्स मैकनर्नी इस परिषद के अध्यक्ष हैं।
उन्होंने भारत और रूस के साथ हुए नए सौदों और दक्षिण कोरिया के साथ संशोधित मुक्त व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें पूरी दुनिया में आक्रामक व्यापारिक पहल करनी होगी।
उन्होंने कहा कि इसीलिए वह दक्षिण कोरिया के साथ चल रही मुक्त व्यापार समझौता वार्ता के बीच भारत भी हो आए और दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजार में निर्यात बढ़ाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि जब वह भारत में थे, तो उन्होंने 10 अरब डॉलर के सौदे को पूरा किया, जिससे 50,000 नौकरियों के अवसर पैदा होने में मदद मिलेगी।
भारत यात्रा के दौरान ओबामा ने भारत को उच्च प्रौद्योगिकी के निर्यात के लिए नियमों को आसान बनाने का वादा किया था। लेकिन ओबामा ने जिन देशों के लिए निर्यात को सरल करने का प्रस्ताव रखा है, उसमें भारत का नाम नहीं है।
अमेरिका में सैन्य उपयोग में आ सकने वाले उच्च प्रौद्योगिकी वाले सामानों के निर्यात के लिए सरकार से लाइसेंस लेना पड़ता है। लेकिन अमेरिका से संबंधों के आधार पर इनमें कुछ छूट दी जा सकती है।
गुरुवार को अमेरिका में प्रस्तावित चार निर्यात संबंधी कानूनों में एक है कुछ देशों को निर्यात में प्रतिबंध कम करना।
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक अमेरिकी कम्पनियां 37 देशों को बिना लाइसेंस बहुत सारे सामानों का निर्यात कर सकेंगी। ये देश हैं: अर्जेटीना, आस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, कनाडा, क्रोएशिया, चेक गणराज्य, डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आईसलैंड, आयरलैंड, इटली, जापान, लात्विया, लिथुवानिया, लग्जमबर्ग, दि नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, पॉलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, तुर्की, उक्रेन और इंग्लैंड।
इसके अलावा प्रस्ताव के नियमों के मुताबिक 125 देशों को कुछ अन्य सामान बिना सरकारी अनुमति के बेचे जा सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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