राडिया मामले की जांच जरूरी : सरकार
सरकार ने यह बात टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा की उस याचिका के जवाब में कही है, जिसमें उन्होंने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में नीरा राडिया के टेप की सामग्री प्रकाशित करने से मीडिया को रोककर निजता के अपने अधिकार को लागू किए जाने की मांग की है।
सरकार ने कहा कि उसने नीरा राडिया के फोन, टेप करने की मंजूरी दी थी, लेकिन इन टेपों के मीडिया में पहुंचने की घटना की जांच किए जाने की जरूरत है। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय से कहा गया कि मीडिया में इन टेपों के प्रकाशन को नहीं रोका जा सकता।
टाटा ने 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन प्रक्रिया के दौरान राडिया और राजनीतिज्ञों, नौकरशाहों व मीडिया कर्मियों के बीच टेलीफोन पर हुई 5,851 वार्ताओं की सामग्री के प्रकाशन पर रोक लगाए जाने की मांग की है।
याचिका की सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जी.एस.सिंघवी और न्यायमूर्ति अशोक कुमार गांगुली की पीठ को बताया गया कि टाटा, टेलीफोन वार्ता में अवरोध पैदा करने व उसे रिकॉर्ड करने के वैधानिक एजेंसियों के अधिकार को चुनौती नहीं दे रहे हैं, लेकिन उन वार्ताओं को सार्वजनिक किया जाना निश्चितरूप से निजी चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि प्राप्त होने वाली सभी सूचनाओं की जांच-परख की जानी चाहिए, ताकि जो वार्ताएं निहायत निजी हों, उन्हें सार्वजनिक करने से रोका जा सके।
इस मामले की अगली सुनवाई 13 दिसम्बर को होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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