मीरा मुद्दे पर भारत करेगा बात, अमेरिका ने खेद व्यक्त किया (लीड-1)
विदेश सचिव निरूपमा राव ने शुक्रवार को यहां कहा कि अमेरिका में भारतीय राजदूत मीरा शंकर की अमेरिका में एक हवाई अड्डे पर तलाशी लिए जाने के मुद्दे पर अमेरिकी दूतावास से निश्चित रूप से बात की जाएगी।
उन्होंने संवाददाताओं को बताया, "हम निश्चितरूप से अमेरिकी दूतावास से इस मुद्दे पर बात करेंगे। पूर्व में घटी इस तरह की घटनाओं के सम्बंध में हम पहले से दूतावास के सम्पर्क में हैं, लेकिन अभी खासतौर से इस मुद्दे पर बात नहीं हुई है। हमारे बीच बातचीत जारी है।"
सार्वजनिक कूटनीति पर यहां आयोजित एक संगोष्ठी के इतर मौके पर राव ने कहा, "हमने भारतीय दूतावास से इस घटना पर रिपोर्ट मांगी है। अभी हमें रिपोर्ट नहीं मिल पाई है।"
जब राव को यह बताया गया कि अमेरिकी अधिकारियों ने तो साफ कह दिया है कि राजनयिकों को तलाशी से छूट नहीं है, तो भी उन्होंने कहा, "हम अभी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।"
इसके पहले अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता पी.जे.क्राउले ने कहा था कि गृह सुरक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि वह राजदूत को दूसरी बार जांच के लिए रोके जाने के बारे में बात करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके साथ ही क्राउले ने दोहराया कि राजनयिक, जांच के दायरे से बाहर नहीं हैं।
क्राउले ने कहा, "वे प्राथमिक सुरक्षा के दायरे में आते हैं। लिहाजा हवाई अड्डे पर हर किसी को प्राथमिक जांच से गुजरना पड़ता है।"
लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने इसके गुरुवार को कहा था, "जाहिर तौर पर हम इस घटना से चिंतित हैं।"
क्लिंटन ने नाइजीरियाई विदेश मंत्री के साथ विदेश विभाग में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, "हम इस मामले की जांच करेंगे। और दोनों बातें सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि आखिर हुआ क्या था और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हम क्या कर सकते हैं।"
भारतीय दूतावास के प्रवक्ता वीरेंद्र पॉल ने इस बात की पुष्टि की है कि गत चार दिसम्बर को राजदूत मीरा शंकर, मिसिसिपी स्टेट यूनिवर्सिटी में एक समारोह में हिस्सा लेने के बाद जब वाशिंगटन की उड़ान पकड़ने के लिए जैक्सन-एवर्स इंटरनेशनल हवाईअड्डे पर पहुंचीं तो उन्हें तलाशी के लिए सुरक्षा पंक्ति से अलग कर लिया गया।
ऐसा मीरा द्वारा अधिकारियों को बताये जाने के बावजूद किया गया कि वह भारतीय राजदूत हैं। इस घटना पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। पिछले तीन महीनों के दौरान यह दूसरा वाकया है, जब राजदूत को इस तरह की जांच से गुजरना पड़ा है। पॉल ने कहा, "अमेरिकी विदेश विभाग ने राजदूत से सम्पर्क कर इस घटना पर खेद प्रकट किया है। दूतावास इस मुद्दे पर विदेश विभाग के सम्पर्क है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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