दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित, भाजपा विरोध प्रदर्शन करेगी (लीड-2)
वर्ष 2008 में हुए स्पेक्ट्रम आवंटन की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की मांग पर अड़े विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के चलते लोकसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे तक और उसके बाद साढ़े तीन बजे तक के लिए स्थगित की गई। राज्यसभा की कार्यवाही भी पहले 12 बजे तक उसके बाद ढाई बजे तक के लिए स्थगित की गई थी। ढाई बजे भी हंगामा खत्म नहीं होने के कारण राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही दो दिवंगत पूर्व सांसदों को श्रद्धांजलि देने से शुरू हुई लेकिन इसके तुरंत बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए), वामदल और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों द्वारा जेपीसी की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू हो गई। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया। दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा नहीं थमने पर लोकसभा को साढ़े तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
इसी तरह का नजारा राज्यसभा में रहा और सदन की कार्यवाही को पहले 12 बजे और फिर दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित किया गया था। ढाई बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा जारी रखा जिससे कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
नौ नवम्बर से शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र में अब तक बेहद कम कामकाज हुआ है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि वह जेपीसी के गठन की अपनी मांग पर कायम है और वह सोमवार को शीतकालीन सत्र खत्म होने के बाद इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी।
संसद के बाहर भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूढ़ी ने आईएएनएस से कहा, "हम जनता की अदालत में जाएंगे और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार की असलियत सामने लाएंगे।"
रूढ़ी ने कहा, "जेपीसी के गठन से लगातार इंकार के कारण सरकार और खासकर प्रधानमंत्री के खिलाफ संदेह बढ़ गया है।"
भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "यह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई है। हमारा विरोध कांग्रेस के खिलाफ है जो कि सच्चाई से भाग रही है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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