भारत सहित दुनिया में भ्रष्टाचार की ज़्यादा चर्चा

भारत में पिछले कुछ महीनों में ही भ्रष्टाचार के कई बड़े मामले सामने आए हैं
बीबीसी के एक सर्वेक्षण के मुताबिक दुनिया में सबसे ज़्यादा चर्चा का विषय भ्रष्टाचार है और इसके बाद विश्व के अलग-अलग देशों में जिन विषयों की चर्चा होती है, वे हैं - जलवायु परिवर्तन, अत्यंत ग़रीबी- भूख, फिर बेरोज़गारी और इसके बाद खाद्य पदार्थों - ऊर्जा की बढ़ती क़ीमतें.
बीबीसी ने दुनिया के 26 देशों में 13,353 लोगों के बीच आमने-सामने, ऑनलाइन (जापान में) और फ़ोन के ज़रिए सर्वेक्षण कराया जिसमें ये बाते सामने आई हैं.
ये सर्वेक्षण 24 जून और 18 सितंबर 2010 के बीच बीबीसी वर्ल्डल सर्विस के लिए ग्लोबस्कैन और विभिन्न देशों में शोध करने वाले उसकी सहयोगी संस्थाओं ने किया.
बीबीसी के इस सर्वेक्षण के मुताबिक भारत में सबसे अधिक बात भ्रष्टाचार के मुद्दे पर होती है और पाकिस्तान में आतंकवाद पर.
एक अलग सवाल में इन 26 देशों के लोगों से 14 विभिन्न वैश्विक समस्याओं के महत्व का आकलन करने को कहा गया.
जहाँ भ्रष्टाचार पर विश्व में सबसे ज़्यादा बातचीत होती है, वहीं दुनिया के इन 26 देशों में 68 प्रतिशत लोग इसे दूसरी सबसे गंभीर वैश्विक समस्या मानते हैं.
ब्राज़ील में 96 प्रतिशत, मिस्र में 91 प्रतिशत, चीन में 73 प्रतिशत, अमरीका में 68 प्रतिशत, रूस में 67 प्रतिशत और भारत में 66 प्रतिशत लोग भ्रष्टाचार को बहुत गंभीर समस्या मानते हैं.
भारत में 30 प्रतिशत लोगों का कहना था कि लोग आम तौर पर सबसे अधिक भ्रष्टाचार के बारे में बात करते हैं.
भारत में दूसरी सबसे बड़ी वैश्विक समस्या आतंकवाद है जिस पर लोग बहस करते हैं. भारत में जिन लोगों ने सर्वेक्षण में भाग लिया उनमें से दो-तिहाई ने इसे गंभीर वैश्विक समस्या बताया.
अत्यंत ग़रीबी को इन देशों के लोग सबसे गंभीर वैश्विक समस्य मानते हैं और औसतन 69 प्रतिशत लोग ऐसा मानते हैं.
रूस में अत्यंत ग़रीबी सबसे अधिक चर्चा का विषय है और 36 प्रतिशत ने इस बात को माना है.
अमरीका और ब्रिटेन में वैश्विक अर्थव्यवस्था ऐसा विषय है जिस पर सबसे ज़्यादा चर्चा होती है. अमरीका में 33 प्रतिशत और ब्रिटेन में 31 प्रतिशत लोगों ने सर्वेक्षण से एक महीने पहले इस विषय पर सबसे अधिक चर्चा की बात स्वीकार की है.
वैश्विक मुद्दों में से खाद्य पदार्थों और ऊर्जा की बढ़ती क़ीमतों पर मिस्र में सबसे ज़्यादा चर्चा होती है और इस विषय पर 58 प्रतिशत लोगों ने सर्वेक्षण से पिछले महीने में सबसे अधिक चर्चा करना स्वीकार किया.
चीन में सबसे अधिक चर्चा का विषय है जलवायु परिवर्तन.
पाकिस्तान में 54 प्रतिशत लोगों का कहना था कि लोग सबसे अधिक बातचीत आतंकवाद के मुद्दे पर करते हैं.
पाकिस्तान में 61 प्रतिशत लोगों ने आतंकवाद को ही सबसे गंभीर वैश्विक मुद्दा बताया.
उधर भारत में 25 प्रतिशत लोगों का कहना था कि उन्होंने सर्वेक्षण पूर्व एक महीने में आतंकवाद पर बहुत बहस की थी. हालाँकि दुनिया में औसतन 14 प्रतिशत लोग ही आतंकवाद को गंभीर वैश्विक समस्या मानते हैं.
पाकिस्तान में आतंकवाद के बाद सबसे बड़ी समस्या रही भोजन और तेल की बढ़ती क़ीमतें. पाकिस्तान में 47 प्रतिशत लोगों ने खाद्य पदार्थों और ऊर्जा की बढ़ती क़ीमतों पर चर्चा की जबकि 30 प्रतिशत लोगों ने ही भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बताया है.
बीबीसी के सर्वेक्षण के मुताबिक विश्व के 26 देशों में जो मुद्दे सबसे ज़्यादा चर्चित रहे वो इस प्रकार हैं:


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