'आर्थिक अपराधों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालयों की जरूरत'
न्यायमूर्ति जी.एस. सिंघवी और न्यायमूर्ति ए.के. गांगुली की पीठ ने कहा कि न्यायाधीशों पर बड़े वित्तीय अपराधों की सुनवाई का बोझ डालना उचित नहीं है क्योंकि उनके समक्ष सुनवाई के लिए पहले से ही ढेर सारे बड़े मामले हैं।
न्यायालय ने कहा, "हम एक कानून बना देते हैं, लेकिन हम न्यायालयों की संख्या नहीं बढ़ाते।"
न्यायालय ने कहा कि केंद्र सरकार उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के परामर्श से ऐसे न्यायालयों की स्थापना कर सकती है। न्यायालय ने कहा कि देश के कानून और आर्थिक हित को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
न्यायालय ने महाधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम से इस मामले पर सरकार का रुख स्पष्ट करने के लिए कहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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