बांग्लादेश के ग्रामीण बैंक को क्लीन चिट
नॉर्वे के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर डाले गए एक पोस्ट में पर्यावरण और अंतराष्ट्रीय विकास मंत्री इर्क सोलेम ने कहा है कि ग्रामीण बैंक ने न तो 'नॉर्वेइयन एजेंसी फॉर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन' (नॉरएड) से मिले अनुदान का गबन किया है, न ही पैसे का अनधिकृत इस्तेमाल किया है।
डेली स्टार में छपी खबर के मुताबिक मंत्री ने कहा है कि माइक्रोफाइनेंस संस्था भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं थी।
मंत्री का बयान ग्रामीण बैंक पर लगे आरोप की जांच रिपोर्ट आने के बाद आया है। बैंक पर उसकी सहायक इकाई 'ग्रामीण कल्याण' को अनुचित रूप से पैसे हस्तांतरित करने का आरोप था।
नॉर्वे के एक टीवी चैनल पर पैसे की तथाकथित हेराफेरी की खबर आने के बाद मंत्री ने नॉर्वे की अनुदान संस्था को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा था। संस्था की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया कि पैसे की हेराफेरी का कोई संकेत नहीं है।
पिछले सप्ताह नॉर्वे के समाचार चैनल पर ग्रामीण बैंक में पैसे की हेराफेरी का समाचार आने के बाद बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा था कि वह इसकी जांच कराएगी। युनुस ने जांच का स्वागत किया था।
ग्रामीण बैंक के प्रवक्ता ने कहा कि इस बात की खुशी है कि बैंक की ईमानदारी का सबूत मिल गया, अब उम्मीद है कि इससे संबंधित विवाद खत्म हो जाएगा।
बैंक शुरू से कहता रहा है कि ग्रामीण कल्याण को पैसे का हस्तांतरण उचित है और इसे पैसे पर कर कम करने के लिए किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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