दूरसंचार कम्पनियों को मिलेगा समान अवसर : सिब्बल (लीड-1)
भारतीय दूरसंचार सम्मेलन 2010 के बाद सिब्बल ने पत्रकारों से कहा, "हम दूरसंचार क्षेत्र की सभी कम्पनियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करेंगे।"
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति के गठन की विपक्ष की मांग के सवाल पर उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से देश को 1.76 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।
इस घोटाले के कारण पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा को इस्तीफा देना पड़ा था। बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने घोटाले से सम्बंधित तथ्य जुटाने के लिए राजा और उनके सहयोगियों के आवासों पर छापेमारी की थी।
बुधवार को ही सर्वोच्च न्यायालय ने 2जी स्पेक्ट्रम विवाद की सीबीआई से जांच की निगरानी की मांग करने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया।
इस मुद्दे पर गुरुवार को विपक्ष के हंगामे के चलते लगातार 20वें दिन भी संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
सिब्बल ने कहा, "वे (भारतीय जनता पार्टी) चुनाव (2014) के बारे में सोच रहे हैं। उन्हें दूरसंचार क्षेत्र की कोई चिंता नहीं है।"
मंत्री ने ब्रॉडबैंड के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी काफी जरूरत है। उन्होंने दर में अंतर रखने का प्रस्ताव रखा और कहा कि ग्रामीण ग्राहकों को इसमें मुफ्त अभिगम की सुविधा दी जा सकती है।
सिब्बल ने कहा कि दूरसंचार सशक्तीकारण का साधन है। यह क्षेत्र धन उगाहने के लिए नहीं है।
उन्होंने दर में गिरावट के लिए पर्याप्त प्रतिस्पर्धा लाने की बात कही।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स, उद्योग एवं लेखा करने वाली फर्म केपीएमजी की रिपोर्ट 'सभी के लिए ब्रॉडबैंड' के अनुसार ब्रॉडबैंड क्षेत्र 6.50 करोड़ से अधिक सामथ्र्यवान ग्राहकों के इससे जुड़ने की अपेक्षा रखता है।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रमीण क्षेत्र मुख्य नियत बाजार है और दूरसंचार के लिए अगले दौर का विकास इसी क्षेत्र में संभावित है, खासकर ध्वनि आधारित सेवाएं।
सिब्बल ने कहा कि पिछले वर्ष प्रति माह 170 लाख मोबाइल ग्राहक जुड़े। भारत का दूरसंचार बाजार विश्व में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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