1,500 वृक्ष काटने पर 79,000 रुपये का जुर्माना
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि 1951 में पारित सरकारी अधिनियम के मुताबिक राज्य सरकार के अधिकारी अवैध रूप से काटे गए प्रत्येक पेड़ के लिए अधिकतम 1,000 रुपये का जुर्माना लगा सकते हैं, क्योंकि इस तरह के जुर्माने का प्रावधान कानून में उपलब्ध है।
ग्राम प्रधान द्वारा जुर्माने की राशि में कमी की अपील को खारिज करते हुए न्यायाधीश कुरैशी ने कहा, "कानून में कहीं भी ऐसा नहीं कहा गया है कि अवैध रूप से बड़ी संख्या में काटे गए पेड़ों के लिए जुर्माना केवल एक बार लग सकता है। हर पेड़ के लिए अलग से जुर्माना लगाया जा सकता है।"
न्यायधीश ने वर्ष 2009 में राज्य सरकार द्वारा भरूचा जिले के तालोदार गांव के प्रमुख मोहनभाई वासव पर लगाए गए 79,000 रुपये के जुर्माने की पुष्टि की है। वासव अब ग्राम प्रधान नहीं है।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत ने आवश्यक अनुमति के बाद अपनी भूमि पर लगाए गए वृक्षों की छंटाई करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन बिना अनुमति के 1,500 वृक्ष काट दिए गए।
इसके बाद अधिकारियों ने वासव के खिलाफ 12 मई 2009 को जुर्माना लगाने के साथ ही काटे गए वृक्षों को जब्त कर लिया। सरकारी वकील ने कहा कि वासव पर जुर्माना काटे गए वृक्षों की कीमत के अनुमान पर आधारित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications