सुरक्षा पुख्ता होने तक बंद की जाए गंगा आरती : शर्मा
इसी महीने की 18 तारीख को स्वास्तिका का पहला जन्मदिन है लेकिन मंगलवार शाम को गंगा आरती के दौरान दशाश्वमेघ घाट से सटे शीतला घाट पर विस्फोट में उसकी मौत हो गई। उसके पिता संतोष एक स्थानीय कॉलेज में शिक्षक हैं और शहर के टेढ़ी नीम इलाके में रहते हैं।
शर्मा ने गुरूवार को संवाददाताओं से कहा, "मैने अपनी बेटी खोई है..उसे वापस नहीं लाया जा सकता लेकिन मैं नहीं चाहता कि कोई और 'स्वास्तिका' अपनी जान गंवाए। ऐसे में मैं इतना कहूंगा कि जब प्रशासन घाटों पर आरती के दौरान हजारों लोगों की भीड़ की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं है तो फिर आरती बंद कर देनी चाहिए।"
शर्मा ने कहा, "मैं जानता हूं कि मेरी बेटी की असमय मौत के लिए आतंकी जिम्मेदार हैं, लेकिन नागरिकों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी पुलिस और प्रशासन की है इसलिए मैं अपनी बेटी की मौत के लिए पुलिस को भी उतना ही जिम्मेदार मानता हूं।"
शर्मा ने कहा कि वह प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर मांग करेंगे कि गंगा के घाटों पर होने वाली आरती को बंद कर दिया जाए।
उन्होंने कहा, "अगर बरसों से चली आ रही इस आरती को तत्काल बंद नहीं कर सकते तो मैं उनसे कहूंगा कि यह सुनिश्चित करें कि इसमें कम से कम लोगों की सहभागिता हो। इसके लिए वे 10 मुख्य घाटों पर होने वाली गंगा आरती को केवल एक ही घाट पर करवाएं।"
स्वास्तिका को श्रृद्धांजलि देने के लिए शहर के विभिन्न घाटों पर बुधवार शाम को केवल एक दिए वाली सांकेतिक आरती की गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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