तेलंगाना के गठन से सम्बद्ध विधेयक पेश करने की मांग
तेलंगाना समर्थक करीब दर्जन भर संगठनों ने पृथक राज्य बनाने की मांग के समर्थन में अपनी जिंदगी बलिदान करने वालों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर बैठकें भी आयोजित की गईं।
पिछले साल तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख के. चंद्रशेखर राव की 11 दिवसीय भूख हड़ताल और इस मांग को लेकर इस क्षेत्र में हुए प्रदर्शनों के बाद इसी दिन केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदम्बरम ने पृथक तेलंगाना राज्य बनाने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की थी।
वैसे टीआरएस ने बारिश के चलते वारंगल में होने वाली उसकी विशाल जन सभा को 16 दिसम्बर तक के लिए टाल दिया लेकिन अन्य समूहों ने पहले से तय कार्यक्रम जारी रखा।
नक्सल समर्थक गदर द्वारा हाल ही में बनाई गई तेलंगाना प्रजा फ्रंट पार्टी गुरुवार शाम एनटीआर स्टेडियम में एक जन सभा आयोजित कर रही है। जिसमें केंद्र सरकार से तेलंगाना गठन के लिए संसद में विधेयक पेश करने की मांग की जाएगी।
तेलंगाना महिला प्रकोष्ठ ने गन पार्क में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। जब तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के तेलंगाना फोरम के सदस्य भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे तो वहां तनाव की स्थिति निर्मित हो गई और दोनों समूहों के बीच संघर्ष को टालने के लिए पुलिस को बीच में आना पड़ा।
तेदेपा नेता एन. जनार्दन रेड्डी ने सरकार से मांग की कि तेलंगाना आंदोलन के दौरान पकड़े गए छात्रों और अन्य लोगों को छोड़ दिया जाए।
उधर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई संसद में तेलंगाना मुद्दे पर विधेयक पेश करने की मांग को लेकर नई दिल्ली में जंतर मंतर पर धरने पर बैठी है।
तेलंगाना संयुक्त कार्य समिति (जेएसी) भी विभिन्न जगहों पर बैठक आयोजित कर रही है।
इसी बीच कुछ समूह इस दिन को 'विश्वासघात दिवस' के रूप में भी मना रहा है। संयुक्त आंध्र की मांग वाली संयुक्त कार्य समिति ने बैठकें आयोजित कर प्रदेश के बंटवारे का विरोध किया।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा इस साल फरवरी में इस मुद्दे पर गठित श्रीकृष्ण समिति अपनी रिपोर्ट 31 दिसम्बर तक प्रस्तुत करने वाली है।
पृथक तेलंगाना समर्थक समूहों ने पहले ही चेतावनी दी हुई है कि यदि श्रीकृष्ण समिति तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए कोई सिफारिश नहीं करती है, तो खून की होली खेली जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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