अल्पसंख्यकों पर अपने बयान से पलटे मलेशियाई रक्षामंत्री
रक्षा मंत्री अहमद जाहिद हमीदी ने बुधवार को मलेशिया के संसद-दीवान रकायत में कहा कि उन्हें दुख है कि अल्पसंख्यक समुदाय सेनाओं में अपनी कम संख्या को लेकर दिए गए उनके बयान से नाराज है।
मंत्री ने पिछले महीने सेना में गैर मलय समुदाय के लोगों की कम संख्या का कारण बताते हुए कहा था कि 'मंत्रालय का मानना है कि सशस्त्र बल में गैर मलय लोगों खास तौर से भारतीय और चीनी मूल के लोगों की संख्या इसलिए कम है, क्योंकि शायद वे समझते हैं कि इसमें कठोर अनुशासन का पालन होता है और निजी क्षेत्र में काम करने की अपेक्षा इसमें कम फायदा है। इसके अलावा परिवार से इसके लिए प्रोत्साहन नहीं मिलता है और उनमें देशभक्ति की भावना की कमी है'।
हमीदी ने संसद में कहा कि उन्हें यह आभास तक नहीं हुआ कि उनके तर्क से गैर-मलय समुदाय की भावना को ठेस पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि गैर-मलय लोगों ने 1960 में साम्यवादियों से मुकाबला किया है।
मलेशिया में चीनी और भारतीय मूल के अलावा कई अन्य समुदायों के भी लोग रहते हैं। यहां की आबादी का आठ फीसदी हिस्सा भारतीय मूल के लोगों का है।
पिछले महीने मंत्रालय ने कहा था कि दो वर्षो-2008 और 2009 में मलेशिया के सैन्य बल में गैर-मलय समुदाय के सिर्फ 903 लोग ही शामिल हुए। इसमें से 82 भारतीय और 26 चीनी मूल के लोग हैं।
मंत्री के स्पष्टीकरण देने के बाद भारतीय मूल के एक संसद सदस्य एम. कुलसेगरन ने उठकर मंत्री से माफी मांगने के लिए कहा। मंत्री ने माफी मांगने से इंकार कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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