आठ देशों के राजदूतों ने राष्ट्रपति को दस्तावेज प्रस्तुत किए
दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले राजदूतों में युक्रेन के राजदूत ओलेक्सांद्र डी़ शेवचेनको, गाम्बिया के उच्चायुक्त डेम्बो बडजी, यमन की राजदूत खदीजा रादमान मोहम्मद गहनम, कनाडा के उच्चायुक्त स्टुवर्ट बेक, लीबिया के राजदूत डा़ अली अब्दल अजीज अल इसावी, नामीबिया के उच्चायुक्त डा़ सैमुअल कवेटो म्बाम्बो, अस्तोनिया के राजदूत पीप जाहिलो और सैन मैरिनो के राजदूत लुसियो अमाती शामिल हैं।
राजदूतों का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वे सभी ऐसे समय में अपना कार्यभर शुरू कर रहे हैं जब भारत जल्द ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सदस्य के तौर पर अपना दो वर्षीय कार्यकाल शुरू करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सुरक्षा परिषद के एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा करने को तैयार है।
राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि विकास और समृद्घि के रास्ते में सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है जिसका सभी देशों को मिलकर सामना करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत उन सभी देशों के साथ अपने संबंध मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है जिन देशों के राजदूतों ने अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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