2जी स्पेक्ट्रम विवाद : जांच की निगरानी पर फैसला सुरक्षित (लीड-2)
न्यायालय में यह याचिका 'सेंटर फॉर पब्लिक इंटेरेस्ट लिटिगेशन' (सीपीआईएल) की ओर से दायर किया गया है।
न्यायालय ने 2जी स्पेक्ट्रम विवाद की सीबीआई जांच का दायरा भी बढ़ा दिया। न्यायालय ने जांच एजेंसी को बैंकों द्वारा दूरसंचार कंपनियों को दिए गए अग्रिम कर्ज की जांच करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति जी.एस.सिंघवी और न्यायमूर्ति ए.के.गांगुली की पीठ को जब यह बताया गया कि एक 2जी स्पेक्ट्रम के लाइसेंस के लिए एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने 2,500 करोड़ रुपये का कर्ज दिया। इस पर न्यायालय ने कहा, "यदि यह सत्य है तो यह चकित करने वाला है।"
न्यायालय को बताया गया कि जांच एजेंसी 2जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाली विभिन्न दूरसंचार कंपनियों के कोष के स्रोतों की जांच कर रही है। 2जी लाइसेंस के लिए कंपनियों को दिए गए कर्ज की जांच, जांच एजेंसी की वित्तीय मामलों की इकाई करेगी।
न्यायधीशों ने कहा कि सम्पूर्ण घोटाले का पता लगाने के लिए सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए।
न्यायालय ने यह भी कहा कि वह बड़े वित्तीय अपराधों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें स्थापित किए जाने के पक्ष में हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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