वाराणसी धमाके में बच्ची की मौत, इंडियन मुजाहिदीन ने ली जिम्मेदारी (राउंडअप)

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे आतंकवाद के खिलाफ संकल्प को कमजोर करने का प्रयास बताया है वहीं केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने इसे गुमराह तत्वों का कारनामा करार दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करार दिया है।

वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) आर.पी. सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि धमाके में घायल स्वास्तिका शर्मा नाम की बच्ची की मौत हुई है। वह मारवाड़ी अस्पताल में भर्ती थी। धमाके और धमाके के बाद मची भगदड़ में कम से कम 25 लोग घायल हुए हैं। धमाके में एक विदेशी नागरिक सहित छह लोग घायल हुए हैं। सिंह ने बताया कि घायलों को मारवाड़ी, जिला अस्पताल और हैरिटेज अस्पतालों में उपचार कराया जा रहा है। जिला अस्पातल में भर्ती एक व्यक्ति की हालत नाजुक है।

आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन ने इसे वर्ष 1992 में अयोध्या में गिराए गए विवादित ढांचे का बदला बताया है। विस्फोट के तुरंत बाद मीडिया संस्थानों को भेजे एक ईमेल में आतंकवादी संगठन ने कहा है कि यह धमाका छह दिसम्बर 1992 का बदला लेने के लिए किया गया है। इंडियन मुजाहिदीन को देश में इस तरह के हमले के लिए जाना जाता है।

मुम्बई में पुलिस सूत्रों ने बताया कि इंडियन मुजाहिदीन ने अपना यह संदेश मुम्बई के उत्तरी उपनगरीय इलाके मलाड से भेजा है। ई-मेल के इंटरनेट प्रोटोकाल (आईपी) पते की जानकारी जुटाने के लिए कई जांच टीमें मलाड पहुंच चुकी हैं। आतंकी संगठन ने अपने संदेश में कहा है कि उसने यह धमका वर्ष 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने का बदला लेने के लिए किया है।

मुम्बई पुलिस आयुक्त संजीव दयाल ने आईएएनएस को बताया, "हम मामले की जांच कर रहे हैं, लेकिन अभी हम इसके बारे में अभी कुछ बता नहीं सकते।"

उधर, नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक समारोह के दौरान कहा कि वाराणसी धमाका आतंकवाद के खिलाफ देश के लड़ने के संकल्प को कमजोर करने का एक प्रयास है।

उन्होंने कहा, "यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। यह हमला आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के हमारे संकल्प को कमजोर करने का प्रयास है। आतंकवाद सफल नहीं होगा।"

धमाके के पीड़ितों के प्रति सहानुभूति जताते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, "मेरे लिए पीड़ितों के प्रति संवेदना है, हम पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए हर तरीके का कदम उठाएंगे।"

प्रधानमंत्री ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करने के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय से धमाके से सम्बंधित एक रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय ने धमाके को कम तीव्रता (लो इंटेनिसिटी) का बताया है।

केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदम्बरम ने इस धमाके को 'शांति और सद्भाव को बिगाड़ने' वाला कदम बताया है।

वाराणसी में पुलिस महानिरीक्षक से यह पूछे जाने पर कि क्या धमाके के पीछे किसी आतंकी संगठन का हाथ है। इस पर उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह राष्ट्र विरोधी ताकतों का काम लगता है। सिंह ने कहा कि धमाके की प्रकृति के बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। पुलिस जांच में जुटी है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक धमाके में इस्तेमाल किए गए पदार्थ को घाट की सीढ़ियों के बीच दरार में रखा गया था। धमाका मंगलवार शाम 6.15 से 6.30 बजे के बीच हुआ। इस समय शीतला घाट पर सैकड़ों की संख्या में लोग गंगा आरती के लिए इकट्ठा हुए थे।

धमाके के प्रत्यक्षदर्शी अवीक कुमार जैन ने बताया, "धमाका इतना शक्तिशाली था कि हम समझ नहीं पाए कि क्या हुआ है। कोई समझ नहीं पाया कि धमाका बम से हुआ है या गैस सिलेंडर फटा है।" जैन ने बताया कि उन्होंने देखा कि धमाके में एक विदेशी नागरिक का पैर जख्मी हो गया।

इससे पहले लखनऊ में अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) बृजलाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "धमाका कम तीव्रता (लो इंटेन्सिटी) का था। इस हादसे में सात लोग घायल हुए हैं। चार लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धमाका किस तरह का था, इसके बारे में अभी हम कुछ नहीं कह सकते। मामले की जांच की जा रही, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।"

धमाके के बाद वाराणसी सहित प्रदेश के संवेदनशील शहरों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इससे पहले साल 2006 में वाराणसी में सिलसिलेवार धमाकों में बीस लोगों की मौत हुई थी जबिक करीब सौ लोग घायल हुए थे।

उधर, केंद्रीय गृह सचिव जी.के. पिल्लै ने नई दिल्ली में कहा, "धमाका कम तीव्रता का था जिसमें करीब 20 से 25 लोग घायल हुए हैं।" लेकिन थोड़ी देर बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि धमाका 'मध्यम तीव्रता' का था।

पिल्लई ने कहा कि इस धमाके में चार से पांच लोग घायल हुए हैं, जबकि धमाके के बाद मची भगदड़ में करीब 15 से 20 लोग घायल हो गए। उन्होंने कहा, "अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी।" उन्होंने कहा, "देश भर में अलर्ट जारी करने के साथ ही राज्यों को उच्च सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।"

उधर, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) यू.के. बंसल ने कहा कि धमाके में 'एक या दो विदेशी नागरिक भी घायल हो सकते हैं।' उल्लेखनीय है कि वाराणसी में यह धमाका अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस की 18वीं बरसी के एक दिन बाद हुआ है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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