नए शस्त्रों संग असम पुलिस का आधुनिकीकरण
असम पुलिस प्रमुख शंकर बरुआ कहते हैं, "हम .303 राइफलों का इस्तेमाल बंद कर सकते हैं और उनके स्थान पर लंबी दूरी तक मार करने वाले उजी जैसे आधुनिक हथियारों को अपनाकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को और प्रभावी बना सकते हैं।"
असम पुलिस द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली .303 राइफल मैदानी क्षेत्र में बढ़िया हो सकती है लेकिन शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद से निपटने के लिए यह हथियार उतना कारगर नहीं है।
बरुआ ने कहा कि जंगलों और गांवों में आतंकवादियों से लड़ने के लिए उजी जैसी और राइफलें खरीदे जाने की आवश्यकता है।
इजरायली उजी विभिन्न आकारों में उपलब्ध है। सबमशीनगन से लेकर पिस्तौल तक हर आकार के उजी शस्त्र उपलब्ध हैं और इनका इस्तेमाल भी आसान है। इनके परिणाम भी अच्छे मिलते हैं।
इसी तरह 'द हेकलर' और कोच एमपी5 सबमशीनगनों का इस्तेमाल भी आसान है।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में आतंकवाद के खिलाफ उजी और एमपी5 हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है और इनका निशाना अचूक होता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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