झारखण्ड में पत्नी के लिए प्रचार करते नक्सली गिरफ्तार
गढ़वा में एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "हमने सुरेंद्र राम को गढ़वा के माकरी गांव से गिरफ्तार किया। वह पंचायत चुनाव लड़ रही अपनी पत्नी सीमा देवी के पक्ष में वोट देने के लिए लोगों को प्रेरित करने का प्रयास कर रहा था। हमने उसके पास से एक पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए।"
सुरेंद्र राम प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का उप-क्षेत्रीय कमांडर है। उस पर हत्या सहित नौ आपराधिक मामले चल रहे हैं।
वर्ष 2000 में अलग राज्य बनने के बाद झारखण्ड में पहली बार हो रहे पंचायत चुनाव में कई नक्सलियों के रिश्तेदार चुनाव लड़ रहे हैं।
नक्सलियों की धमकी के चलते राज्य में पंचायत चुनाव के 3,000 से अधिक प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित किए गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार निर्विरोध निर्वाचित हुए अधिकांश प्रत्याशियों को नक्सलियों का समर्थन प्राप्त है।
झारखण्ड में पांच चरणों में पंचायत चुनाव 27 नवम्बर से शुरू हुआ है। पिछली बार पंचायत चुनाव 1979 में तब हुआ था, जब झारखण्ड बिहार का हिस्सा था। झारखण्ड में पंचायत चुनाव इस कारण विलंब से हो रहा है, क्योंकि जनजातियों के लिए सीट सुरक्षित करने को लेकर कानूनी विवाद चल रहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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