राजा और सहयोगियों के यहां सीबीआई छापे, विपक्ष ने दिखावा बताया (लीड-4)
सीबीआई के निदेशक ए.पी. सिंह ने आईएएनएस को बताया, "दिल्ली में 2-ए मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित ए. राजा के आवास सहित पांच स्थानों पर छापेमारी की गई। हम फिलहाल तलाशी ले रहे हैं..विभिन्न स्थानों पर छापे की कार्रवाई जारी है। इस सम्बंध में जल्द ही ताजा जानकारी दी जाएगी।" उन्होंने कहा कि घोटाले के सम्बंध में राजा से जल्द ही पूछताछ की जा सकती है।
सीबीआई के चेन्नई स्थित कार्यालय के अधिकारियों ने आईएएनएस से कहा कि उन्हें छापे की कार्रवाई की जानकारी नहीं है। राजा के पैतृक शहर पैम्बालूर के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि सीबीआई के अधिकारी सुबह से राजा के आवास पर छापेमारी कर रहे हैं।
छापेमारी के दौरान सीबीआई ने सादिक बाशा की तस्वीर भी बरामद की जो राजा के विश्वस्त व्यक्ति और चेन्नई के नामी बिल्डर बताए गए हैं। राजा के करीबी रिश्तेदारों तथा तमिलनाडु स्थित उनके सहयोगियों के आवासों के अलावा उनके पारिवारिक सदस्यों द्वारा संचालित न्यास के कार्यालय पर भी छापेमारी की गई।
राजा के पूर्व निजी सचिव आर. के. चंदौलिया, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरिया, दूरसंचार आयोग के सदस्य के. श्रीधर और दूरसंचार विभाग के उप महानिदेशक ए. के. श्रीवास्तव के आवासों पर भी छापेमारी की गई।
समझा जाता है कि सीबीआई अधिकारियों ने राजा के पैतृक शहर पैम्बालूर स्थित केनरा बैंक की शाखा का दौरा किया और वहां के अधिकारियों से पूछताछ की। त्रिची स्थित बैंक के अधिकरियों ने सीबीआई अधिकारियों के दौरे की न तो पुष्टि की और न ही इसका खंडन किया।
छापे की कार्रवाई को विपक्षी दलों ने दिखावा करार दिया है। तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने राजा को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत गिरफ्तार करने की मांग की है। पार्टी प्रमुख जे.जयललिता ने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.करुणानिधि 2जी स्पेक्ट्रम के मुद्दे पर कांग्रेस को ब्लैकमेल कर रहे हैं। उन्होंने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की अपनी मांग दोहराई।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रकाश जावड़ेकर एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के गुरुदास दासगुप्ता सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने उनकी ही बात दोहराई। जावड़ेकर ने आईएएनएस से कहा, "यह केवल दिखावा है। यह बहुत देर से की गई बहुत मामूली कार्रवाई है।" उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट हो गया है कि राजा और उनके सहयोगी इस घोटले के लिए जिम्मेदार हैं।
जनता दल (युनाइटेड) के प्रमुख शरद यादव ने कहा कि संसद के दबाव के चलते सीबीआई ने यह कार्रवाई की है। यादव ने कहा, "भ्रष्टाचार एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है यह पूरी तरह अनियंत्रित हो चुका है। दोषियों तक पहुंचने के लिए जेपीसी का गठन जरूरी है।"
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) नेता गुरुदास दासगुप्ता ने भी छापे की कार्रवाई को दिखावा बताया। उन्होंने कहा, "यह काम पहले किया जाना चाहिए था। उन्होंने (सीबीआई) चीजों को छुपाने के लिए पर्याप्त समय दिया है। जेपीसी का गठन होना चाहिए और हम अपनी मांग जारी रखेंगे।"
उधर, मामले की जांच के लिए सीबीआई को सक्षम बताते हुए केंद्रीय दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है। सिब्बल ने कहा, "सीबीआई स्वतंत्र और सक्षम जांच एजेंसी है। वह जो भी कर रही है अपने स्तर पर कर रही है।"
सरकार के 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच से इंकार किए जाने के विरोध में विपक्ष के हंगामे के कारण 10 नवम्बर से ही संसद में गतिरोध बना हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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