वाराणसी विस्फोट : बयानबाजी तेज, नहीं मिला कोई सुराग (लीड-2)

विस्फोट के बाद की स्थिति का जायजा लेने बुधवार को वाराणसी पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को पहले ही बता दिया गया था कि दशाश्वमेघ घाट आतंकियों के निशाने पर है। उन्होंने कहा कि सभी राज्य सरकारों को 26/11 और 6/12 की तिथि के आस-पास आतंकी हमले की आशंका के प्रति सचेत किया गया था।

चिदम्बरम ने कहा, "मैं कोई आरोप-प्रत्यारोप नहीं करना चाहता। उत्तर प्रदेश को स्पष्ट चेतावनी दी गई थी। उन्हें बताया गया था कि दसाश्वमेघ घाट आतंकियों के निशाने पर है। इससे ज्यादा स्पष्ट सूचना और कुछ नहीं हो सकती। कानून एवं व्यवस्था राज्यों की जिम्मेदारी है।"

उधर, चिदम्बरम के बयान पर पलटवार करते हुए राज्य के कैबिनेट सचिव शंशाक शेखर सिंह ने कहा कि 26/11 और छह दिसम्बर के सम्बन्ध में केवल सावधान रहने की सामान्य सूचना दी गई थी जिसमें किसी तरह की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी।

उन्होंने अपने बयान में कहा कि मुख्यमंत्री मायावती का कहना है कि विकास और सुरक्षा के मुद्दों पर केंद्र सरकार को राजनीति नहीं करनी चाहिए और इस तरह के हमले रोकने के लिए प्रदेशों की पुलिस को अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध कराने चाहिए जैसे आतंकवादियों के पास मौजूद हैं।

इस बीच प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) बृजलाल ने लखनऊ में कहा, "अभी तक की जांच में किसी आतंकी संगठन, माड्यूल या किसी व्यक्ति का नाम सामने नहीं आया है। जांच टीम को विस्फोट की जगह से न तो कोई छर्रा, सर्किट, बैट्री अथवा कोई ऐसा उपकरण नहीं मिला है, जिससे विस्फोट की प्रकृति के बारे में पता चले। मौके से मिले नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है।"

उधर, मुम्बई के पुलिस आयुक्त संजीव दयाल ने बुधवार को कहा कि विस्फोट की जिम्मेदारी लेने वाले ई-मेल को नवी मुम्बई से भेजा गया था। दयाल ने पत्रकारों को बताया, "नवी मुम्बई स्थित वाशी कस्बे के एक असुरक्षित वाईफाई (बेतार इंटरनेट) संपर्क को हैक कर यह ई-मेल भेजा गया। यह संदेश मुम्बई के पश्चिमी उपनगरीय इलाके मलाड से नहीं भेजा गया था।"

ज्ञात हो कि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन ने कई मीडिया संस्थाओं को भेजे गए ई-मेल में विस्फोट की जिम्मेदारी ली थी। इस विस्फोट में दो वर्षीया एक बच्ची की जान चली गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए।

इस सबके बीच विस्फोट को सुरक्षा की बड़ी चूक करार देते हुए उत्तर प्रदेश के विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री मायावती के इस्तीफे की मांग की है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने वाराणसी में कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार के लापरवाही भरे रवैये का कारण आतंकी घटना सामने आई है। मायावती को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि आतंकी हमला पूरी तरह से सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी का परिणाम है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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