2जी स्पेक्ट्रम घोटाला : राजा और सहयोगियों के आवासों पर छापे (लीड-3)
छापेमारी के दौरान सीबीआई ने सादिक बाशा की तस्वीर भी बरामद की जो राजा के विश्वस्त व्यक्ति और चेन्नई के नामी बिल्डर बताए गए हैं।
राजा के करीबी रिश्तेदारों तथा तमिलनाडु स्थित उनके सहयोगियों के आवासों के अलावा उनके पारिवारिक सदस्यों द्वारा संचालित न्यास के कार्यालय पर भी छापेमारी की गई।
राजा के पूर्व निजी सचिव आर. के. चंदौलिया, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरिया, दूरसंचार आयोग के सदस्य के. श्रीधर और दूरसंचार विभाग के उप महानिदेशक ए. के. श्रीवास्तव के आवासों पर भी छापेमारी की गई।
समझा जाता है कि सीबीआई अधिकारियों ने राजा के पैतृक शहर पैम्बालूर स्थित केनरा बैंक की शाखा का दौरा किया और वहां के अधिकारियों से पूछताछ की। त्रिची स्थित बैंक के अधिकरियों ने सीबीआई अधिकारियों के दौरे की न तो पुष्टि की और न ही इसका खंडन किया।
सीबीआई का दल राष्ट्रीय राजधानी में राजा के 2-ए मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित आवास पर सुबह सात बजे पहुंचा। दल ने नई दिल्ली और राजा के गृह राज्य तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर छापेमारी की।
सीबीआई के निदेशक ए.पी. सिंह ने आईएएनएस को बताया, "दिल्ली में पांच स्थानों पर छापेमारी की गई। हम फिलहाल तलाशी ले रहे हैं..विभिन्न स्थानों पर छापे की कार्रवाई जारी है। इस सम्बंध में जल्द ही ताजा जानकारी दी जाएगी।"
उन्होंेने कहा कि घोटाले के सम्बंध में राजा से जल्द ही पूछताछ की जा सकती है।
सीबीआई के चेन्नई स्थित कार्यालय के अधिकारियों ने आईएएनएस से कहा कि उन्हें छापे की कार्रवाई की जानकारी नहीं है। राजा के पैतृक शहर पैम्बालूर के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि सीबीआई के अधिकारी सुबह से राजा के आवास पर छापेमारी कर रहे हैं।
तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने भी राजा को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत गिरफ्तार करने की मांग की है।
छापे की इस कार्रवाई को देर से उठाया गया कदम बताते हुए एआईएडीएमके सांसद वी. मैत्रेयन ने कहा कि पूर्व मंत्री को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
यह पूछे जाने पर कि सीबीआई की कार्रवाई का तमिलनाडु की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ सकता है, मैत्रेयन ने आईएएनएस से कहा, "मुझे उम्मीद है कि सीबीआई की कार्रवाई महज ढकोसला साबित नहीं होगी। हमें इंतजार करना चाहिए।"
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रकाश जावड़ेकर एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के गुरुदास दासगुप्ता सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने उनकी ही बात दोहराई।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में राजा पर आरोप लगने के कारण उन्हें पिछले महीने इस्तीफा देने के लिए बाध्य होना पड़ा था। सीएजी ने कहा कि इस घोटाले से देश को 58,000 करोड़ से 1.76 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
राजा पर बाजार दरों से कम कीमत पर स्पेक्ट्रम आवंटित करने का आरोप है। इसके चलते देश को अरबों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
सरकार के 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच से इंकार किए जाने के विरोध में विपक्ष के हंगामे के कारण 10 नवम्बर से ही संसद में गतिरोध बना हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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