मप्र में महानगरों में पदस्थ नहीं होगें नए चिकित्सक
भोपाल, 8 दिसम्बर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में दूरस्थ इलाकों की स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। इस फैसले के तहत नए चिकित्सकों को चार महानगरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में पदस्थ नहीं किया जाएगा।
प्रदेश के परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री महेंद्र हार्डिया ने बुधवार को जानकारी दी कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में नई पदस्थापना नीति तय की गई है। इस नीति के तहत लोक सेवा आयोग के जरिए चयनित चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना उन जिलों में की जाएगी, जहां 50 प्रतिशत से कम चिकित्सक हैं। द्वितीय प्राथमिकता उन जिलों को दी जाएगी जहां स्त्री रोग, शिशु रोग और निश्चेतना (एनेस्थीसिया) चिकित्सकों की जरूरत है।
हार्डिया ने आगे बताया है कि प्रदेश के चार प्रमुख नगरों में चिकित्सकों की उपलब्धता 75 फीसदी से अधिक है, इसलिए लोक सेवा आयेाग से चयनित चिकित्सकों की पदस्थापना इन जिलों में नहीं की जाएगी। इसके अलावा नर्सिंग स्टाफ की भर्ती में 25 प्रतिशत स्थान पुरुष नर्सो के लिए रहेंगे। पुरुष नर्स की पदस्थापना पुरुष वार्ड में की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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