19वें दिन भी संसद ठप्प (लीड-2)
लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे जैसे ही शुरू हुई, विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के आसन के पास आ गए। सांसदों के भारी हंगामे के कारण मीरा कुमार ने दोपहर तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
सांसद जब सदन में दोबारा 12 बजे पहुंचे तो प्रदर्शनकारी सांसदों ने एक बार फिर नारेबाजी शुरू कर दी : "वी वांट जेपीसी, वी वांट जेपीसी।"
सरकार ने सदन में कुछ दस्तावेज और मंत्रालय की रपटें पेश करने की कोशिश की, लेकिन कानूनी विधेयकों के संदर्भ में कुछ भी हासिल नहीं हो सका।
सत्र की अध्यक्षता कर रहे गोवा के सांसद फ्रांसिस्को सरदिन्हा ने 12 बजे के चंद मिनट बाद ही सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।
राज्यसभा की कार्यवाही भी इन्हीं स्थितियों के बीच दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
संसद के शीतकालीन सत्र के समापन में मात्र तीन दिन शेष रह गए हैं, लेकिन लगता है कि यह पूरा सत्र 2008 में दूसरी पीढ़ी के टेलीफोन स्पेक्ट्रम आवंटन में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन की भेट चढ़ जाएगा।
नौ नवम्बर को शीतकालीन सत्र के शुरू होने के साथ ही संसद में गतिरोध बना हुआ है। यह सरकार के लिए गम्भीर चिंता का विषय है, क्योंकि कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करने के लिए महत्वपूर्ण समय बर्बाद हो रहा है।
सत्र की 24 बैठकें भूमि अधिग्रहण विधेयक, न्यायिक जवाबदेही विधेयक, लेखा मानकों में सुधार सम्बंधी विधेयक, श्रम कानूनों में संशोधन सम्बंधी विधेयक और एक राष्ट्रीय खनिज नियामक प्राधिकरण की स्थापना सम्बंधी विधेयकों के लिए निर्धारित थीं। लेकिन इनमें से एक भी विधेयक पेश नहीं हो पाया है।
स्थिति यह है कि जेपीसी के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के अपने रुख पर अड़े रहने के कारण राष्ट्रीय खजाने को हर रोज 7.8 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
बहरहाल, संसद की कार्यवाही की शुरुआत में तमिलनाडु में भारी बारिश के कारण और वाराणसी में मंगलवार के विस्फोट के कारण मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। विस्फोट में दो साल की बच्ची की मौत हो गई थी और 20 लोग घायल हुए थे।
दोनों घटनाओं में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए सदन में एक मिनट का मौन रखा गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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