वाराणसी विस्फोट : चिदम्बरम ने कहा, पहले ही आगाह कर दिया था (लीड-1)
वाराणसी में विस्फोट के एक दिन बाद बुधवार को यहां पहुंचे चिदम्बरम ने कहा कि सभी राज्य सरकारों को 26/11 और 6/12 की तिथि के आस-पास आतंकी हमले की आशंका के प्रति सचेत किया गया था। उन्होंने कहा कि इन दोनों तिथियों की पूर्व संध्या पर सभी राज्यों को परामर्श भी जारी किया गया था।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को 26 फरवरी 2010 को विशेष रुप से आगाह किया गया था कि दशाश्वमेघ घाट आतंकियों के निशाने पर है। चिदम्बरम ने कहा, "मैं कोई आरोप-प्रत्यारोप नहीं करना चाहता। उत्तर प्रदेश को स्पष्ट चेतावनी दी गई थी। उन्हें बताया गया था कि दसाश्वमेघ घाट आतंकियों के निशाने पर है। इससे ज्यादा स्पष्ट सूचना और कुछ नहीं हो सकती। कानून एवं व्यवस्था राज्यों की जिम्मेदारी है। उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।"
चिदम्बरम ने आतंकी हमले में घायल हुए लोगों से अस्पताल जाकर मुलाकात की और घटनास्थल का दौरा किया। बाद में चिदम्बरम ने पत्रकारों से कहा कि यह मध्यम तीव्रता का विस्फोट था। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से नमूने इकट्ठे कर लिए हैं। एक अन्य फोरेंसिक दल वाराणसी पहुंचने वाला है। हम उनकी रिपोर्ट का इंतजार करेंगे।
वाराणसी के बाबतपुर हवाई अड्डे पर उतरने के बाद चिदम्बरम सीधे बनारस हिंदू विश्वविद्याय के अस्पताल पहुंचे जहां घायलों का उपचार किया जा रहा है। उसके बाद उन्होंने शीतला घाट का दौरा किया जहां पर मंगलवार को गंगा आरती के दौरान विस्फोट हुआ था।
अधिकारियों के मुताबिक घटनास्थल पर करीब 10 मिनट तक रहे केंद्रीय गृह मंत्री ने हर कोने का मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से विस्फोट के बारे में जानकारी ली।
चिदंबरम विस्फोट में मारी गई दो साल की बच्ची के परिजनों से भी मिले। चिदम्बरम की घटनास्थल पर मौजूदगी के समय मीडियाकर्मियों को वहां जाने से रोक दिया गया, जिसको लेकर मीडियाकर्मियों की सुरक्षाकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। आधिकारिक सूत्रों के मुतबिक दोपहर बाद गृह मंत्री यहां पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर सकते हैं।
ज्ञात हो कि शीतला घाट पर मंगलवार शाम गंगा आरती के दौरान हुए बम विस्फोट में दो साल की बच्ची की मौत हो गई थी, जबकि 25 घायल हो गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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