राजा के खिलाफ छापेमारी महज दिखावा : विपक्ष
भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने आईएएनएस से कहा, "यह केवल दिखावा है। यह बहुत देर से की गई बहुत मामूली कार्रवाई है।"
जावड़ेकर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने दूसरी पीढ़ी (2जी) के स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में अनियमितताओं की जांच में देरी के कारण सीबीआई पर सवाल उठाए हैं।
सीबीआई ने बुधवार सुबह स्पेक्ट्रम आवंटन मामले की जांच के लिए राजा के नई दिल्ली और तमिलनाडु स्थित आवासों और उनके चार सहयोगियों के आवासों पर छापेमारी की।
राजा के पूर्व निजी सचिव आर. के. चंदौलिया, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरिया, दूरसंचार विभाग के उप महानिदेशक ए. के. श्रीवास्तव और दूरसंचार आयोग के सदस्य के. श्रीधर के आवासों पर छापेमारी की गई है।
जावड़ेकर ने कहा, "यह स्पष्ट हो गया है कि राजा और उनके सहयोगी इस घोटले के लिए जिम्मेदार हैं।"
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति के गठन की मांग पहले से ज्यादा प्रासंगिक हो गई है इसलिए विपक्ष अपनी मांग जारी रखेगा।
जनता दल (युनाइटेड) के प्रमुख शरद यादव ने कहा कि संसद के दबाव के चलते सीबीआई ने यह कार्रवाई की है।
यादव ने कहा, "भ्रष्टाचार एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है यह पूरी तरह अनियंत्रित हो चुका है। दोषियों तक पहुंचने के लिए जेपीसी का गठन जरूरी है।"
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) नेता गुरुदास दासगुप्ता ने भी छापे की कार्रवाई को दिखावा बताया।
उन्होंने कहा, "यह काम पहले किया जाना चाहिए था। उन्होंने (सीबीआई) चीजों को छुपाने के लिए पर्याप्त समय दिया है। जेपीसी का गठन होना चाहिए और हम अपनी मांग जारी रखेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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