'कोरियाई विवाद में चीन बहुत महत्वपूर्ण'
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी 'योनहैप' ने खबर दी है कि अमेरिकी जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष एडमिरल माइक मुलेन ने दक्षिण कोरियाई सैन्य अधिकारियों व राजनीतिक नेताओं के साथ सियोल में बुधवार को मुलाकात के बाद यह बात कही।
उत्तर कोरिया के सहयोगी बचे, गिने-चुने देशों में चीन एक है।
अमेरिका ने दक्षिण कोरिया को अपना समर्थन दोहराया है। 1954 में एक आपसी रक्षा संधि पर हस्ताक्षर करने के बाद से ही दक्षिण कोरिया, अमेरिका का आधिकारिक रूप से साझेदार है।
मुलेन ने कहा, "मैं हर हाल में इस रिश्ते की पूरी ताकत और प्रतिबद्धता के साथ यहां रहना चाहूंगा।"
पहले उप विदेश मंत्री, शिन काक सू ने कहा कि मुलेन के दौरे से उत्तर कोरिया को सख्त संदेश गया है। मुलेन ने नवनियुक्त रक्षा मंत्री, किम क्वोन जिन और अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष, जनरल हान मिन कू से भी मुलाकात की।
इन मुलाकातों के दौरान हुईं चर्चाएं इस बात पर केंद्रित रहीं कि उत्तर कोरिया के हाल के आक्रामक व्यवहार का किस तरह जवाब दिया जाए।
ज्ञात हो कि उत्तर कोरिया ने 23 नवम्बर को विवादित समुद्री सीमा के पास स्थित दक्षिण कोरियाई द्वीप, योनप्योंग पर गोलाबारी की थी। इस घटना में दो सैनिकों व दो नागरिकों की मौत हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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