वाराणसी धमाके में बच्ची की मौत, प्रधानमंत्री ने की शांति की अपील (लीड-5)
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे आतंकवाद के खिलाफ संकल्प को कमजोर करने का प्रयास बताया है वहीं केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने इसे गुमराह तत्वों का कारनामा करार दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करार दिया है।
वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) आर.पी. सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि धमाके में घायल स्वास्तिका शर्मा नाम की बच्ची की मौत हुई है। वह मारवाड़ी अस्पताल में भर्ती थी। धमाके और धमाके के बाद मची भगदड़ में कम से कम 25 लोग घायल हुए हैं। धमाके में एक विदेशी नागरिक सहित छह लोग घायल हुए हैं। सिंह ने बताया कि घायलों को मारवाड़ी, जिला अस्पताल और हैरिटेज अस्पतालों में उपचार कराया जा रहा है। जिला अस्पातल में भर्ती एक व्यक्ति की हालत नाजुक है।
आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन ने इसे वर्ष 1992 में अयोध्या में गिराए गए विवादित ढांचे का बदला बताया है। विस्फोट के तुरंत बाद मीडिया संस्थानों को भेजे एक ईमेल में आतंकवादी संगठन ने कहा है कि यह धमाका छह दिसम्बर 1992 का बदला लेने के लिए किया गया है। इंडियन मुजाहिदीन को देश में इस तरह के हमले के लिए जाना जाता है।
उधर, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नई दिल्ली में एक समारोह के दौरान कहा कि वाराणसी धमाका आतंकवाद के खिलाफ देश के लड़ने के संकल्प को कमजोर करने का एक प्रयास है।
उन्होंने कहा, "यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। यह हमला आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के हमारे संकल्प को कमजोर करने का प्रयास है। आतंकवाद सफल नहीं होगा।"
धमाके के पीड़ितों के प्रति सहानुभूति जताते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, "मेरे लिए पीड़ितों के प्रति संवेदना है, हम पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए हर तरीके का कदम उठाएंगे।"
प्रधानमंत्री ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करने के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय से धमाके से सम्बंधित एक रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय ने धमाके को कम तीव्रता (लो इंटेनिसिटी) का बताया है।
वाराणसी में पुलिस महानिरीक्षक से यह पूछे जाने पर कि क्या धमाके के पीछे किसी आतंकी संगठन का हाथ है। इस पर उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह राष्ट्र विरोधी ताकतों का काम लगता है। सिंह ने कहा कि धमाके की प्रकृति के बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। पुलिस जांच में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक धमाके में इस्तेमाल किए गए पदार्थ को घाट की सीढ़ियों के बीच दरार में रखा गया था। धमाका मंगलवार शाम करीब सात बजे हुआ। इस समय शीतला घाट पर सैकड़ों की संख्या में लोग गंगा आरती के लिए इकट्ठा हुए थे।
इस बीच खबरें आ रही हैं कि शीतलाघाट परिसर में कूड़ेदान से एक जिंदा बम मिला है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इससे पहले लखनऊ में अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) बृजलाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "धमाका कम तीव्रता (लो इंटेन्सिटी) का था। इस हादसे में सात लोग घायल हुए हैं। चार लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धमाका किस तरह का था, इसके बारे में अभी हम कुछ नहीं कह सकते। मामले की जांच की जा रही, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।"
धमाके के बाद वाराणसी सहित प्रदेश के संवेदनसील शहरों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इससे पहले साल 2006 में वाराणसी में सिलसिलेवार धमाकों में बीस लोगों की मौत हुई थी जबिक करीब सौ लोग घायल हुए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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