स्थाई सदस्यता के लिए भारत को जिम्मेदारी दिखाना होगा : सरकोजी
टावर होटल और होटल ताज महल पैलेस में 'टूगेदर टू बिल्ड ए सस्टेनेबल फ्यूचर' विषय पर भारत फ्रांस आर्थिक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए सरकोजी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में यदि भारत को स्थाई सदस्यता मिल जाती है तो उसे विश्व भर में शांति व सुरक्षा के लिए अपनी सेना भेजने के लिए तैयार रहना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा, "भारत के एक अरब लोगों की आवाज नहीं सुनी जा रही है। यहां तक कि अफ्रीका के एक अरब लोगों की आवाजों की भी अनदेखी नहीं की जा सकती। यही कारण है कि हमने यूएनएससी में भारत की स्थाई सदस्यता का हमेशा समर्थन किया है। विश्व में शांति की सुरक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर भारत को अपनी सेना भेजने के लिए तैयार रहना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि ऐसा करना कठिन काम है क्योंकि अक्सर इस तरह के अभियानों में हमारे लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है, लेकिन विश्व में आतंकवाद ग्रस्त क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए इस तरह के अभियानों को टाला नहीं जा सकता।"
सरकोजी ने इस बात का उल्लेख किया कि गत 35 वर्षो से यूएन संयुक्त राष्ट्र में सुधारों की बात कर रहा है, लेकिन वह दिशा में एक इंच भी आगे नहीं बढ़ा है।
राष्ट्रपति ने भारत से प्रमुख वैश्विक पर्यावरण चर्चा में भी खुले तौर से भाग लेने का आह्वान किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications