अभियंता को 3 साल की कैद, 5 करोड़ रुपये का जुर्माना
वर्तमान में देवास में कार्यरत तथा इसके पहले शाजापुर में कार्यरत रहे उप अभियंता, प्रीतम सिंह के खिलाफ मिली शिकायतों के बाद उज्जैन के लोकायुक्त ने मार्च 2002 में छापा मारकर उनके पास 50 लाख रुपये से अधिक की अनधिकृत सम्पत्ति का खुलासा किया था।
इस आरोप में प्रीतम सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। विशेष अदालत के अपर सत्र न्यायाधीश पी.के. व्यास ने सोमवार को प्रीतम सिंह को मामले में दोषी पाया।
न्यायालय ने प्रीतम सिह के खिलाफ तीन साल कैद की सजा सुनाई, साथ ही पांच करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया। न्यायालय ने लोक सेवकों में बढ़ते भ्रष्टाचार पर भी सख्त टिप्पणी की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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