9 फीसदी के ऊपर जा सकती है विकास दर : मुखर्जी (लीड-1)
संसद के दोनों सदनों में मंगलवार को मौजूदा कारोबारी साल की मध्यावधि समीक्षा पेश करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुखर्जी ने कहा, "2010-11 में विकास दर 8.75 फीसदी से 0.35 फीसदी अधिक या कम रहेगी। पिछली दो तिमाहियों में विकास दर 8.9 फीसदी रही है और यह काफी उत्साहवर्धक है।"
पिछली दो तिमाहियों में 8.5 फीसदी जीडीपी विकास दर के लक्ष्य को पार करते हुए इस साल की पहली तिमाही में जीडीपी विकास दर 8.8 फीसदी थी और दूसरी तिमाही में विकास दर 8.9 फीसदी थी।
संसद में पेश की गई मध्यावधि समीक्षा में बताया गया है कि कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र में बेहतर बढ़ोतरी के साथ निजी खपत और निवेश में भी बढ़ोतरी हुई है। देर से हुई काफी बारिश से कृषि को लाभ पहुंचा है।
इन शुभ संकेतों को देखते हुए पूरे कारोबारी साल के लिए विकास दर के नौ फीसदी को पार करने की उम्मीद की जा सकती है। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक स्थिति में मौजूद नकारात्मक संभावनाओं को देखते हुए यह कहना सही रहेगा कि 8.75 फीसदी के संशोधित लक्ष्य से यह 0.35 फीसदी कम या अधिक रह सकता है।
मुखर्जी ने इसके साथ ही महंगाई दर के भी मार्च तक घटकर छह फीसदी तक आ जाने की संभावना जताई है। और कहा कि यह इससे भी नीचे जाएगी। वर्तमान महंगाई दर अभी घटकर 8.58 फीसदी पर आ गई है। उधर खाद्य महंगाई दर भी घटकर चार महीनों में सबसे कम 8.6 फीसदी हो गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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