विकिलीक्स खुलासा : अमेरिका ने हिज्बुल्ला को हथियार देने का विरोध किया था
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार विकिलीक्स द्वारा लीक किए गए ढाई लाख गोपनीय अमेरिकी राजनयिक संदेशों के जारी विश्लेषण में यह ताजा खुलासा है।
एक संदेश के अनुसार अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने फरवरी में सीरिया के इस छल का विरोध किया था।
क्लिंटन ने कहा था, "पिछले सप्ताह हमारी बैठकों में यह कहा गया था कि सीरिया, लेबनानी आतंकी संगठन हिज्बुल्ला को कोई नई मिसाइल नहीं स्थानांतरित कर रहा है। लेकिन हमें हिज्बुल्ला को बैलिस्टिक मिसाइलों की आपूर्ति किए जाने के सीरिया के वर्तमान प्रयासों की जानकारी है। मैं कहना चाहूंगी कि यह गतिविधि मेरी सरकार के लिए गम्भीर चिंता का विषय है, और हम इस तरह के किसी उकसावे के खिलाफ आपको कड़े शब्दों में सचेत करते हैं।"
'न्यूयार्क टाइम्स' ने पेंटागन के एक अधिकारी के हवाले से कहा है कि हिज्बुल्ला के शस्त्रागार में 50,000 रॉकेट और मिसाइलें शामिल हैं। कई दर्जन फतेह-110 मिसाइलें तेल अवीव पहुंच सकती है और बाकी बची मिसाइलों में से अधिकांश इजरायल जा सकती हैं। हिज्बुल्ला के पास 10 स्कड-डी मिसाइलें भी हैं।
पदभार ग्रहण करने के साथ ही ओबामा प्रशासन ने मार्च 2009 में अपने पहले कदम के रूप में सीरिया के साथ कूटनीतिक सम्पर्क बहाल किया था और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने दमिश्क का दौरा किया था।
लेकिन नवम्बर तक दमिश्क स्थित अमेरिकी मिशन से भेजे गए एक संदेश में चेताया गया था, "सीरिया, हिज्बुल्ला के सैन्य संगठन को मदद करने के लिए दृढ़संकल्पित है, खासतौर से लम्बी दूरी के रॉकेट की आपूर्ति करने के मामले में, और निर्देशित मिसाइलों को दिए जाने से सैन्य संतुलन बदल सकता है और जुलाई-अगस्त 2006 के युद्ध से अधिक विनाशकारी परिदृश्य पैदा हो सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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