जेटली संग बेंगलुरू पहुंचे गडकरी
गडकरी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली के साथ यहां पहुंचे। कर्नाटक में पार्टी के नए महासचिव धर्मेद्र प्रधान भी उनके साथ हैं।
पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के. एस. ईश्वरप्पा ने गडकरी के साथ बैठक से पहले पत्रकारों से कहा, "पार्टी अध्यक्ष प्रदेश के हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री, अन्य मंत्रियों, नेताओं और विधायकों से मुलाकात करेंगे।"
येदियुरप्पा पर अपने बेटे और बेटी सहित अन्य रिश्तेदारों को बेंगलुरू के आसपास सरकारी जमीन आवंटित करने के आरोपों के बाद गडकरी का यह दौरा आयोजित हुआ है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद गड़करी का यह दूसरा कर्नाटक दौरा है। इससे पहले भी वह पार्टी के लिए मुश्किल हालातों के बीच कर्नाटक आए थे।
इससे पहले जुलाई में वह सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश और लोकायुक्त एन. संतोष हेगड़े से अपना इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध करने बेंगलुरू आए थे। कर्नाटक में अवैध खनन के मुद्दे पर कर्नाटक सरकार के रवैए से नाराज हेगड़े ने इस्तीफा दिया था। हेगड़े भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. एस. हेग के बेटे हैं। बाद में उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया था।
मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए भाजपा आलाकमान से समर्थन मिलने पर येदियुरप्पा को कुछ राहत मिली है लेकिन प्रदेश में उनकी और पार्टी की स्थिति खराब बनी हुई है।
बेंगलुरू के बाहरी इलाके में 325 एकड़ जमीन के अवैध आवंटन के मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद येदियुरप्पा के विश्वसनीय सहयोगी कट्टा सुब्रहमण्य नायडू को तीन दिसम्बर को इस्तीफा देना पड़ा था।
इसके अलावा येदियुरप्पा द्वारा जमीन घोटाला मामले की जांच कर्नाटक उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने के फैसले के चलते लोकायुक्त हेगड़े दोबारा नाराज चल रहे हैं। इससे पहले लोकायुक्त इस मामले की जांच कर रहे थे।
सरकार के इस फैसले पर राज्यपाल एच. आर. भारद्वाज ने भी असंतोष व्यक्त किया था। रविवार को उन्होंने पत्रकारों से कहा, "यह कदम जानबूझकर अस्पष्टता की स्थिति पैदा करने के लिए उठाया गया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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