इंदिरा सागर के टापुओं को दिया जाएगा नया रूप
पर्यटन के लिहाज से इंदिरा सागर के क्षेत्रफल की बात की जाए तो वह लगभग कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के बराबर है। यहां लगभग 30 टापू ऐसे हैं जिन्हें स्थाई तौर पर पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जा सकता है।प्रदेश मे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चल रहे प्रयासों के क्रम में इंदिरा सागर के टापुओं पर पर्यटन विकास निगम का ध्यान गया है। इन टापुओं पर पयर्टन केंद्र पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप के जरिए विकसित किया जाना है। इन केंद्रों पर रिसॉर्ट के अलावा जलक्रीड़ा क्षेत्र, स्वीमिंग पूल, जिम, बच्चों का पार्क के साथ ही बोट क्लब और क्रूज की व्यवस्था रहेगी।
प्रथम चरण में हनुमतिया टापू को विकसित किया जा रहा है, यह लगभग साढ़े नौ एकड़ क्षेत्र में फैला है। यहां आने वाले पर्यटक वन्य प्राणियों के दीदार करने के साथ ही प्राकृतिक दृश्यों का भी आनंद ले सकेंगे। यहां बनने वाले रिसॉर्ट में 100 से ज्यादा पर्यटक के लिए जगह होगी।बताया गया है कि इंदिरा सागर के सांकरघाट, माथनी, चांदेल और तवा मेल टापू अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य लिए हुए है जहां स्टार्क जैसे जल पक्षी भी नजर आ जाते है। जोगी टापू वह स्थल है जहां नर्मदा की सबसे ज्यादा गहराई 450 फीट है।













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