देश में 2012 तक 5.8 करोड़ रोजगार निर्मित होंगे: श्रम मंत्री
नई दिल्ली, 7 दिसम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय श्रम मंत्री हरीश रावत ने कहा है कि कृषि क्षेत्र में तेज विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसके सकारात्मक प्रभाव के चलते 2012 तक देश में 5.8 करोड़ अतिरिक्त रोजगार निर्मित होंगे।
रावत ने आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, "कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन बेहद सकारात्मक रहा है। साथ ही अर्थव्यवस्था की विकास दर मौजूदा वित्त वर्ष में नौ प्रतिशत के करीब बनी हुई है। हम रोजगार का यह लक्ष्य पूरा कर लेंगे।"
उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं कह सकता की बेरोजगारी शून्य हो जाएगी लेकिन यह पूरी तरह नियंत्रित हो जाएगी। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन के आंकड़े जारी होने के बाद वास्तविक स्थिति का पता चलेगा।"
कृषि क्षेत्र को 11वीं पंचवर्षीय योजना में रोजगार वृद्धि वाले क्षेत्र के रूप में चिह्न्ति नहीं किया गया है। रावत ने कहा कि इस क्षेत्र में तेजी का लाभ काफी ज्यादा होगा क्योंकि इससे देश के दो तिहाई श्रमिकों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है।
मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कृषि क्षेत्र की विकास दर 2.5 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 4.4 प्रतिशत रही है। पिछले साल की इन्हीं तिमाहियों में यह दर 1.9 प्रतिशत और 0.9 प्रतिशत रही थी।
पिछली दो तिमाहियों में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 8.9 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है।
रावत ने कहा कि 10 वीं पंचवर्षीय योजना में पांच करोड़ अतिरिक्त रोजगार सृजित करने का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ था क्योंकि विनिर्माण, परिवहन, पर्यटन और कृषि क्षेत्रों में पर्याप्त तेजी से रोजगार नहीं बढ़े थे।
अक्टूबर में श्रम मंत्रालय द्वारा जारी किए गए रोजगार एवं बेरोजगारी सर्वेक्षण के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष में देश में बेरोजगारी की दर 9.4 प्रतिशत रही। ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी की दर 10.1 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 7.3 प्रतिशत रही।
श्रम मंत्री ने कहा कि उनका मंत्रालय नई रोजगार नीति के प्रस्ताव पर भी काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक कौशल विकास करना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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