मिराज के उन्नयन के लिए भारत और फ्रांस के बीच समझौता
फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि करार तय हो गया है।
मनमोहन सिंह ने कहा, "फ्रांस भारत के सबसे महत्वपूर्ण और विश्वस्त रक्षा साझेदारों में से एक है। उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी हमें आपूर्ति करने की फ्रांस की इच्छा का हम तहेदिल से प्रशंसा करते हैं। इससे हमारे अपने रक्षा उद्योग का आधुनिकीकरण करने में मदद मिलेगी।"
जानकार सूत्रों ने बताया कि मिराज समझौता तय हो गया है, हालांकि इस सम्बंध में दिए गए संयुक्त बयान पर अधिक सावधानी से गौर करने की जरूरत है, क्योंकि कहा गया है, "मिराज-2000 विमान के उन्नयन पर विचार-विमर्श हो रहा है, उम्मीद है कि जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।"
भारत ने हालांकि स्पष्ट किया कि समझौते पर अंतिम निर्णय लेने से पहले वार्ता होगी, लेकिन सरकोजी के दौरे के दौरान इस पर हस्ताक्षर नहीं होंगे।
50 लड़ाकू जेट विमानों के उन्नयन की लागत पर समझौता वार्ता हो चुकी है। उम्मीद है कि विमानों को नई रडार प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा एक नया शस्त्र प्रकोष्ठ, मिसाइल, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली के लिए भी चर्चा की गई।
उल्लेखनीय है कि यह समझौता कई वर्षो से नवीनीकरण लागत से जुड़े मुद्दों के कारण लंबित था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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