शिक्षा क्षेत्र में भारत और फ्रांस में सहमति
फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी के साथ चार दिनों की भारत यात्रा पर आईं वहां की उच्च शिक्षा और अनुसंधान मंत्री वैलेरी पिक्रेसी ने मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल के साथ आज यहां मुलाकात की और इन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।
दोनों नेताओं की उपस्थिति में दो सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए। पहला सहमति पत्र फ्रांस के इस्टीट्यूट डि रिसर्च पॉर ला डेवलपमेंट और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सायंस, बंगलोर के बीच एक अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए है। वहीं, दूसरा सहमित पत्र इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) और पेरिस इंस्टीट्यूट ऑफ सायंस एंड टेक्नोलॉजी के बीच शैक्षिक सहयोग के लिए है।
दोनों नेताओं ने शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग की सराहना की और नैनोटेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, मौसम पूर्वानमान, एयरोस्पेश इंजीनियरिंग, उन्नत गणित आदि क्षेत्रों में सहयोग के लिए और भी अधिक व्यवस्था करने की जरूरत पर चर्चा की।
फ्रांस की मंत्री के साथ आए एक बड़े प्रतिनिधिमंडल में यूटीटी विश्वविद्यालय के अध्यक्ष क्रिश्चियिन लिर्मनिऑक्स सहित कई वरिष्ठ शिक्षाविद् और वैज्ञानिक शामिल थे।
भारतीय पक्ष में डीएसटी के सचिव डॉ. टी रामास्वामी, मानव संसाधन विकास मंत्रालय में अपर सचिव अशोक ठाकुर, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव (आईसीसी) अमित खरे, आईआईटी-मुम्बई के निदेशक प्रो.दिवांग खाखर और अंतर्राष्ट्रीय आईआईएससी विभाग बंगलोर के प्रमुख प्रो.गोविंदन रंगराजन शामिल थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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