पाकिस्तान में भी जलवा बिखेर रही है 'मुन्नी बदनाम..'
इस्लामाबाद, 6 दिसम्बर (आईएएनएस)। अब पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में भी बॉलीवुड के लोकप्रिय आइटम गीत 'मुन्नी बदनाम हुई..' ने अपनी जगह बना ली है। प्रमुख पार्टियों के राजनीतिज्ञ एक-दूसरे की चुटकी लेने के लिए इस गाने का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कुछ दिनों पहले पार्टी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता इम्तियाज सफदर वारैच ने कहा था, "दूसरे लोग मुझ पर गड़बड़ी करने का आरोप लगा रहे हैं।" जाहिर तौर पर उनका इशारा विपक्षी दल, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की ओर था। उन्होंने कहा, "हमारी स्थिति कुछ इस तरह की बन गई है कि हम केवल यही कह सकते हैं कि 'मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे लिए'।"
पंजाब के विधि मंत्री और पीएमएल-एन के नेता राणा सनाउल्ला इसपर चुटकी लेने से नहीं चूके। उन्होंने कहा, "कितनी दयनीय स्थिति है कि पीपीपी नेता ने पूरी पार्टी को मुन्नी करार कर दिया।" उन्होंने आगे कहा, "लेकिन यह मुन्नी डार्लिग के कारण बदनाम नहीं हो रही है, बल्कि अपनी करतूतों के कारण बदनाम हो रही है।"
हिंदी फिल्म 'दबंग' में मलाइका अरोड़ा पर फिल्माए गए इस गीत की लोकप्रियता का यह ताजा नमूना है।
इस गाने ने पाकिस्तान में धूम मचा रखा है। वास्तव में मलाइका पाकिस्तान में घर-घर लोकप्रिय हो गई हैं। इस गाने को ललित पंडित ने तैयार किया है।
पाकिस्तान में स्थिति यह है कि कोई भी शादी या समारोह इस गाने के बगैर सम्पन्न नहीं होने वाला है। यही नहीं कारों में और म्यूजिक की दुकानों में यह गाना खूब बज रहा है। एफएम रेडियो केंद्रों पर इस गाने को बजाने की लगातार फरमाइशें आ रही हैं।
लेकिन इस गाने ने पाकिस्तान की मुन्नियों की निजी जिंदगी में समस्याएं खड़ी कर दी है। लाहौर निवासी मुन्नी (दो बच्चों की मां) नामक एक महिला को इतना परेशान किया गया कि उसने अपनी छोटी-सी दुकान ही बंद कर दी।
मुन्नी ने कहा, "हर वक्त कोई न कोई मेरी दुकान में आएगा और ग्राहकों के सामने कहेगा 'मुन्नी बदनाम हुई डार्लिग तेरे लिए।' शुरू में तो मैंने इस पर उतना ध्यान नहीं दिया और इसे नजरअंदाज करने की कोशिश की, लेकिन धीरे-धीरे यह लोगों की दिनचर्या-सी बन गई और मुझे इससे चिढ़ होने लगी।"
इस तरह की समस्या का सामना करने वाली यह अकेली मुन्नी नहीं हैं। लाहौर में एक स्कूल की प्राचार्या शाहिदा मुन्नी को उनके परिजनों और मित्रों ने मुन्नी उपनाम दिया था।
शाहिदा ने कहा, "मैं जब भी अपने पास-पड़ोस में आती-जाती हूं तो मैं हमेशा इस बात को लेकर भयभीत रहती हूं कि कहीं कोई व्यक्ति इस गीत को गुनगुनाना न शुरू कर दे। मेरा भय अक्सर सच साबित होता है, क्योंकि तमाम लड़के या तो इस गाने को तेज स्वर में गाते हैं या इसे स्टीरियो पर बजाते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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