सफदरजंग अस्पताल में एचआईवी पीड़ितों से मिलीं ब्रूनी
फ्रांस की प्रथम महिला ब्रूनी सोमवार सुबह 11.10 बजे सफदरजंग अस्पताल के एंटी-रिट्रोविरल थिरेपी (एआरटी) सेंटर पहुंची और फिर वहां के बहिरंग रोगी विभाग (ओपीडी) को भी देखने गईं।
ब्रूनी जिनेवा की एक संस्था 'ग्लोबल फंड टू फाइट एड्स, ट्यूबरक्यूलोसिस एंड मलेरिया' की सद्भावना दूत भी हैं।
सफदरजंग अस्पताल के एक अधिकारी के मुताबिक अस्पताल ने ब्रूनी के साथ आए एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत भी की।
देश में एचआईवी-एड्स को रोकने और कार्यक्रमों को पूरा करने के लिए नीतियों को लागू करने वाली संस्था राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) ने इस यात्रा का प्रबंध किया था।
ब्रूनी दक्षिण दिल्ली में एचआईवी से ग्रसित बच्चों के लिए चलाए जा रहे नाज फाउंडेशन का भी दौरा करेंगी।
नाज फाउंडेशन की प्रमुख अंजली गोपालन ने आईएएनएस को बताया, "यहां लगभग 30 बच्चों को रखा गया है। वे ब्रूनी से मिलने के लिए काफी उत्साहित हैं और बच्चे ब्रूनी के लिए कुछ ग्रीटिंग कार्ड भी बनाए हुए हैं।"
उल्लेखनीय है कि चार दिवसीय आधिकारिक दौरे के तहत सरकोजी और ब्रूनी शनिवार को बेंगलुरू पहुंचे थे। बाद में दोनों फतेहपुर सीकरी ताजमहल देखने भी गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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