सरकोजी यात्रा : मनमोहन ने की रात्रिभोज की मेजबानी (राउंडअप)
सरकोजी शनिवार को बेंगलुरू में चार घंटे ठहरकर रविवार को आगरा से फतेहपुर सीकरी गए और शाम यहां आए।
रात्रिभोज के दौरान मनमोहन सिंह ने मेहमान राष्ट्रपति को भारत के असैन्य परमाणु दायित्व कानून से सम्बंधित उनकी चिंताओं को दूर किया, जिससे दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु समझौते की रूपरेखा को बल मिलने की संभावना बढ़ गई है।
मनमोहन सिंह और सरकोजी विगत तीन वर्षो के दौरान एक-दूसरे से कई बार मिल चुके हैं और उनमें काफी घनिष्ठता है। निजी भोज से पहले दोनों नेताओं ने लगभग आधे घंटे तक एक के बाद एक मुद्दे पर चर्चा की।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को दिए भोज में समाजसेवियों, शिक्षाविदों एवं प्रमुख मीडियाकर्मियों को भी आमंत्रित किया गया था, जबकि सरकोजी के सम्मान में दिया गया भोज नितांत निजी था। इसमें कई भारतीय और फ्रांसीसी वरिष्ठ मंत्री एवं राजनेता शामिल हुए।
भोज में वरिष्ठ फ्रांसीसी मंत्रियों में विदेश मंत्री माइकल एलियट-मैरी, रक्षा मंत्री एलेन जुप्पे और वित्त मंत्री क्रिस्टिन लागार्डे शामिल थे।
भारतीय पक्ष से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा, रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी, लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन एवं विदेश सचिव निरूपमा राव शामिल हुईं।
इससे पहले, सरकोजी और उनकी पत्नी कार्ला ब्रूनी ने रविवार को मुगल बादशाह अकबर द्वारा निर्मित फतेहपुर सीकरी में लगभग एक घंटा बिताया। ब्रूनी ने आगंतुक पुस्तिका में लिखा, "अनोखी वस्तुएं देखीं, बहुत-बहुत धन्यवाद।"
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि फ्रांस के प्रथम दंपति ने बुलंद दरवाजा में आधा घंटा बिताया और सफेद संगमरमर से बनी शेख सलेम चिश्ती की दरगाह देखी।
ब्रूनी ने आगंतुक पुस्तिका में लिखा, "अनोखी वस्तुएं देखीं, बहुत-बहुत धन्यवाद।" और दोनों ने हस्ताक्षर किए।
उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के संरक्षण कार्य की प्रशंसा की और इमारतों की पुरातात्विक विशेषताओं में रुचि ली।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के संरक्षण सहायक मुनज्जर अली ने आईएएनएस से कहा, "वे पूर्वाह्न् 3.30 बजे आए और 4.20 बजे लौटे। उन्होंने दरगाह, बादशाही गेट, अनूप तालाब, दीवान-ए-खास और आम तथा जोधा बाई का महल देखा। सरकोजी खासकर रैंप (चल सीढ़ी) से खुश हुए। हमने इसे हाल ही में पर्यटकों के लिए मंगवाया है।"
आगरा जिले के अधिकारियों ने कहा कि अति विशिष्ट व्यक्ति सरकोजी होटल अमर विलास में जलपान के बाद फतेहपुर सीकरी गए और वहां से खेड़िया हवाईअड्डा पहुंचकर नई दिल्ली के लिए रवाना हुए।
फ्रांस के प्रथम दंपति ने शनिवार को प्रेम के प्रतीक ताज महल का दीदार किया था। उन्होंने ताज महल में आधा घंटा बिताया। उम्मीद की जा रही थी तय कार्यक्रम के अनुसार रविवार की सुबह वे फिर ताज महल देखने जाएंगे। इस कारण पर्यटकों को 50 मिनट से अधिक समय तक प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, लेकिन सरकोजी और ब्रूनी दोबारा वहां नहीं गए।
जिले के अधिकारी कार्यक्रम में बदलाव की सूचना भारतीय पुरातत्व विभाग को नहीं दे पाए। इस कारण पर्यटकों को बेवजह करीब एक घंटा बाहर ही रुकना पड़ा। इसको लेकर पर्यटकों में काफी नाराजगी देखी गई। छुट्टी का दिन होने की वहज से बड़ी संख्या में लोग ताज महल में प्रवेश के लिए एक घंटा तक इंतजार करते रहे।
एक गाइड मनोज ने बताया, "जिले के अधिकारियों ने जब भारतीय पुरातत्व विभाग को सूचना दी कि सरकोजी वहां दोबारा नहीं आ रहे हैं, तब टिकट खिड़की खोल दी गई।"
फ्रांसीसी दंपति ने शनिवार रात और रविवार सुबह कुछ घंटे होटल में विश्राम किया। स्थानीय सुरक्षाकर्मियोंऔर अधिकारियों के बीच कार्यक्रम में बदलाव को लेकर संशय बना रहा।
फतहपुर सीकरी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण मीडियाकर्मी एवं फोटोग्राफर सरकोजी दंपति की तस्वीर लेने में कामयाब नहीं हो सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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